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संजीव भसीन के शेयर खरीदने के लिए

संजीव भसीन के शेयर खरीदने के लिए
पीएनबी, एसबीआई, केनरा बैंक और यूनियन बैंक जैसे बैंकों के लिए जीवन बीमा, आवास वित्त और पूंजी बाजार जैसे गैर-प्रमुख व्यवसायों में संभावित हिस्सेदारी बिक्री पूरक पूंजी साबित हो सकती है। इस साल अब तक 20-60 फीसदी की वृद्घि के बावजूद मूल्यांकन नरम बना हुआ है और यह निवेश के लिहाज से मददगार भी है। आय में तेजी आने के साथ भविष्य में ये शेयर आकर्षक बने रह सकते हैं। हालांकि विश्लेषक सर्वसम्मति से निवेशकों को यह सलाह दे रहे हैं कि वे सिर्फ एसबीआई, पीएनबी, बीओबी, केनरा बैंक और यूनियन बैंक जैसे प्रमुख नामों के संजीव भसीन के शेयर खरीदने के लिए साथ ही निवेश में बने रहें। छोटे बैंकों में इंडियन बैंक पसंदीदा बना हुआ है। आईआईएफएल में मार्केट ऐंड कॉरपोरेट अफेयर्स के कार्यकारी उपाध्यक्ष संजीव भसीन का कहना है, 'बाजार में काफी हद तक बुलबुले जैसी स्थिति दिख रही है। हालांकि परिसंपत्ति गुणवत्ता में कमजोरी का असर पीएसबी की कीमतों में दिख चुका है, लेकिन निवेशक किसी तरह की गिरावट का इस्तेमाल इन शेयरों को खरीदने के लिए कर सकते हैं।' येस बैंक द्वारा 2015-16 में एनपीए में अंडर-रिपोर्टिंग की ताजा खबरों ने बाजार को आश्चर्यचकित किया है और बैंक के शेयर में इससे निकट भविष्य में और गिरावट आ सकती है जिससे निवेशकों को अवसर मिलेंगे।

Bank Nifty is likely to find support at 42,200 levels whereas it would face resistance at 42,800 levels, says Sanjiv Bhasin. (MINT)

सरकारी बैंकों पर करें विचार

हालांकि हाल में सार्वजनिक क्षेत्र के (बैंक) पीएसबी शेयरों पर ज्यादातर सलाह इसे लेकर दी गई कि ये शेयर निवेशकों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि फंड प्रबंधक इस राय से पीछे हट सकते हैं। आंकड़ों से पता संजीव भसीन के शेयर खरीदने के लिए चलता है कि वे सितंबर 2016 से पीएसबी शेयरों के खरीदार रहे हैं। उदाहरण के लिए, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) और केनरा बैंक जैसे शेयरों में फंड प्रबंधकों ने इस अवधि में अपनी हिस्सेदारी 0.5-1.17 फीसदी तक बढ़ाई। हालांकि इससे पता चलता है कि शायद फंड प्रबंधक परिसंपत्ति गुणवत्ता दबाव कम होने के शुरुआती संकेत देख रहे हैं, वहीं केनरा बैंक, यूनियन बैंक और इंडियन बैंक के मार्च तिमाही के प्रदर्शन से संकेत मिलता है कि दबाव में तेजी का सिलसिला थम रहा है।

मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के रिटेल शोध प्रमुख धर्मेश कांत कहते हैं कि धातु, बिजली और इन्फ्रास्ट्रक्चर (मुख्य रूप से सड़क निर्माण) जैसे क्षेत्रों के साथ बदलाव का संकेत दिख रहा है और इससे बैंकों को इन मोर्चों पर सुधार दर्ज करने में मदद मिलनी चाहिए। ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के नितिन अग्रवाल उन कुछ विश्लेषकों में से एक हैं जो पीएसबी पर तटस्थ से लेकर सकारात्मक नजरिये पर कायम हैं। वह कहते हैं कि वित्त वर्ष 2017 आय पर दबाव का आखिरी वर्ष हो सकता है और एसबीआई, पीएनबी, बीओबी, यूनियन बैंक और केनरा बैंक जैसे शीर्ष पांच पीएसबी वित्त वर्ष 2018 में मजबूत अय वृद्घि दर्ज कर सकते हैं। अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी से जुड़े एक और शोध प्रमुख भी अग्रवाल के विचारों से सहमत हैं। वह कहते हैं, 'हमने तीसरी तिमाही से ही पीएसवी पर नजर रखी है और खासकर प्रमुख पीएसबी के लिए ज्यादातर खराब खबरों का असर कीमतों में दिख चुका है।' कांत कहते हैं, 'भविष्य में, मुझे प्रावधान के पुनरांकन की उम्मीद है और इससे पीएसबी के लिए मुनाफे की स्थिति मजबूत होगी।' पीएनबी और केनरा बैंक जैसे कुछ बैंक दिसंबर और मार्च तिमाहियों में पिछले प्रावधानों के बदलाव पर जोर दे चुके हैं। यह रुझान बरकरार रहने की संभावना है, क्योंकि आरबीआई द्वारा हाल में किए गए प्रयासों की वजह से ऋण रिकवरी पर ध्यान तेजी से केंद्रित किया गया है।

Petrol Diesel की कीमतों को लेकर हुआ बड़ा ऐलान, कल सुबह 5-5 रुपये सस्ता होगा तेल!

Petrol-Diesel Price Cut: पेट्रोल-डीजल (Petrol Price) की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. पिछले 8 महीनों से लगातार घरेलू बाजार में तेल के दाम स्थिर बने हुए हैं. ऐसे में कल यानी 5 दिसंबर को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती हो सकती है.

Petrol-Diesel Price Down: पेट्रोल-डीजल (Petrol Price) की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. पिछले 8 महीनों से लगातार घरेलू बाजार में तेल के दाम स्थिर बने हुए हैं. ऐसे में कल यानी 5 दिसंबर को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती हो सकती है. 5 तारीख को पेट्रोल-डीजल पर 5 रुपये की कटौती एकसाथ हो सकती है. इसके बारे में एक्सपर्ट ने भविष्यवाणी की है.

कच्चा तेल 7 फीसदी हो चुका है सस्ता
कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट की वजह से तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही हैं. क्रूड का भाव पिछले काफी समय से 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे चल रहा है. इस समय इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर है. नवंबर महीने में कच्चे तेल की कीमतों में 7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.

जेपी एसोसिएट्स (Jaiprakash Associates) में फँसे हैं, और खरीद लें क्या?

मोहम्मद सोयेब, अहमदाबाद : मैंने जेपी एसोसिएट्स (Jaiprakash Associates) के 1,000 शेयर सितंबर 2018 में 11.10 रुपये के औसत भाव पर खरीदे थे। क्या मुझे इसमें और खरीदारी करनी चाहिए, जिससे मेरी औसत लागत कम हो जाये, या इसे छोड़ दें?

ताजा स्थिति : शुक्रवार 22 नवंबर 2019 का बंद भाव 2.12 रुपये (0.93% नीचे)
संजीव भसीन, ईवीपी, आईआईएफएल सिक्योरिटीज : सबको पता है कि अभी जयप्रकाश एसोसिएट्स में किस तरह की समस्याएँ चल रही हैं। मेरा यह सुझाव होगा कि इस शेयर में कोई तेजी आने पर आप इससे बाहर निकल जायें। लेकिन यदि आपको पैसा निकालने की हड़बड़ी नहीं हो तो इसमें बैठे रहें। देर-सबेर एनबीसीसी को जेपी इन्फ्रा की परियोजनाओं के लिए बिल्डर नियुक्त कर दिया जायेगा। उनको काफी रियायतें दी गयी हैं, तमाम शुल्क माफ कर दिये गये हैं, और ब्याज सबवेंशन की भी माफी मिल जायेगी। इसके बाद सम ऑफ द पार्ट्स में बैंकों को काफी पैसा वापस मिल जायेगा। इसलिए जब भी इसका समाधान होगा, तो जेपी एसोसिएट्स की बाजार पूँजी (मार्केट कैप) केवल 500 करोड़ रुपये की नहीं होनी चाहिए। मुझे लगता है कि तब इसका भाव 6-8 रुपये पर जा सकता है। इसलिए अगर आप इस संजीव भसीन के शेयर खरीदने के लिए निवेश को 1 साल के लिए रखे रह कर बैठ सकते हैं, तो इसमें बने रहें। अगर नहीं रुक सकते, तो इसमें से निकल कर आप वह पैसा फेडरल बैंक में लगा दें, तो आपका पैसा धीरे-धीरे वापस आ जायेगा। लेकिन अभी संजीव भसीन के शेयर खरीदने के लिए संजीव भसीन के शेयर खरीदने के लिए मैं जेपी एसोसिएट्स में आपको नयी खरीदारी करने की सलाह नहीं दूँगा, क्योंकि एक गिरते हुए शेयर में औसत लागत घटाने के लिए नीचे खरीदने की रणनीति कभी नहीं अपनानी चाहिए। यह आपका सिद्धांत होना चाहिए।
अस्वीकरण (Disclaimer): शेयरों में हमारे सौदे होते रहते हैं। अभी फेडरल बैंक में हमारा निवेश है और हम इसके बारे में लोगों को खरीदने की सलाह भी देते हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से निचले भावों पर जेपी एसोसिएट्स भी खरीद रखा है।
(शेयर मंथन, 22 नवंबर 2019)

वेदांता पर कंट्रोल की लड़ाई: अनिल अग्रवाल के लिए और बढ़ रही हैं मुश्किलें, ब्याज दरें और शेयर की कीमतें बढ़ती ही जा रही हैं

अनिल अग्रवाल बोल्ड अधिग्रहण कर और बेहिचक लोन लेकर एक स्क्रैप मेटल व्यापारी से खरबपति उद्योगपति बन गए। लेकिन लोन की बढ़ती लागत और शेयरों की बढ़ती कीमतों ने अग्रवाल के विश्व-व्यापी साम्राज्य के खरीदारी के प्रयास पर ग्रहण लगा दिया है।

भारी-भरकम कर्ज है मुश्किल का कारण

वेदांता लिमिटेड पर कंट्रोल के लिए उनकी लड़ाई भारत और दुनिया भर के उन धन कुबेरों के मुश्किलों को दिखा रही है जिन्होंने कर्ज ले रखा है। क्योंकि ब्याज दरें ऐतिहासिक रूप से बढ़ चुकी हैं। अग्रवाल का काफी कुछ दांव पर लगा हुआ है। उनकी पर्सनल होल्डिंग वाली कंपनी वेदांता रिसोर्सेज 7 अरब डॉलर के कर्ज में है।

अगले हफ्ते संजीव भसीन की शेयर बाजार की रणनीति

निफ्टी और बैंक निफ्टी इंडेक्स के संबंध में तकनीकी दृष्टिकोण पर, संजीव भसीन ने कहा, “निफ्टी को लगभग 18250 पर समर्थन मिलने की संभावना है। 18650 प्रतिरोध के रूप में कार्य करने की संभावना है। बैंक निफ्टी को लगभग 42200 पर समर्थन मिलने की संभावना है। 42800 पर समर्थन मिलने की संभावना है।” उल्टा प्रतिरोध के रूप में कार्य करें।”

अल्पावधि (2-3 दिन): L&T को यहां से खरीदें ₹ 2015-2030। झड़ने बंद: ₹ 1990. लक्ष्य: ₹ 2100.

ट्रेडिंग आइडिया (समय अवधि: 1- 2 दिन): मदरसन नवंबर फ्यूचर खरीदें ₹ 72.5 से ₹ 73.5। झड़ने बंद: ₹ 71.5। लक्ष्य: ₹ 75.

डेरिवेटिव रणनीति (समय अवधि: 1 महीना): मणप्पुरम फाइनेंस नवंबर फ्यूचर खरीदें ₹ 114.5 ₹ 115.5। झड़ने बंद: ₹ 112.60। लक्ष्य: ₹ 118.

अस्वीकरण: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, मिंट के नहीं।

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