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प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर

प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर

PPF सरकारी स्कीम में छोटी रकम निवेश कर रिटायरमेंट तक बने करोड़ पति, जानिए कैसे

PPF सरकारी स्कीम में छोटी रकम निवेश कर रिटायरमेंट तक बने करोड़ पति

PPF सरकारी स्कीम में छोटी रकम निवेश कर रिटायरमेंट तक बने करोड़ पति, जानिए कैसे प्राइवेट नौकरियों में रिटायरमेंट (Retirement Plan) के बाद आमतौर पर पेंशन (Pension Scheme) नहीं मिला करती है, और अब तो ज़्यादातर सरकारी नौकरियों से भी पेंशन की व्यवस्था नदारद हो चुकी है… सो, हर नौकरीपेशा शख्स कभी न कभी ज़रूर सोचता है, रिटायरमेंट के बाद प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर गुज़ारा कैसे होगा, और उसके लिए कोई सम्मानजनक व्यवस्था कैसे की जा सकती है… तो आइए, आज हम आपको बताते हैं एक ऐसी स्कीम (PPF, यानी पीपीएफ) के बारे में, जो न सिर्फ सारी उम्र आपको इनकम टैक्स में बचत का बेहतरीन मौका देगी, बल्कि रिटायरमेंट के वक्त भी आपके हाथ में सवा दो करोड़ रुपये से ज़्यादा की जायज़ और कानूनी रकम रख देगी… मौजूदा समय में सबसे ज़्यादा लाभ देने वाली इस स्कीम के बारे में आपने शर्तिया पहले भी सुना होगा, लेकिन इसके ज़रिये कोई नौकरीपेशा युवा सेवानिवृत्ति की आयु तक पहुंचकर करोड़ों की रकम जमा कर सकता है, यह आपने नहीं सोचा होगा…

जी हां, यह स्कीम सचमुच आपके हाथ में सवा दो करोड़ से ज़्यादा की पूर्णतः टैक्स फ्री रकम दे सकती है… और परिवार में पति-पत्नी दोनों इस स्कीम को अपना लें, तो रिटायरमेंट पर हासिल होने वाली कुल रकम साढ़े चार करोड़ रुपये हो सकती है… यही नहीं, इसके अलावा इसी स्कीम के ज़रिये पति-पत्नी दोनों कुल मिलाकर सालाना अधिकतम 93,600 रुपये (46,800 प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर रुपये प्रत्येक) तक की टैक्स बचत भी कर सकते हैं, वह भी पूरे 35 साल तक… याद रहे, टैक्स बचत की रकम 46,800 रुपये उस समय होगी, जब निवेशक इनकम टैक्स की अधिकतम स्लैब के हिसाब से पूरा 30 प्रतिशत टैक्स अदा कर रहा हो… यदि निवेशक इनकम टैक्स के छोटे स्लैब के तहत टैक्स दिया करता है, तो टैक्स बचत की रकम भी उसी हिसाब से कुछ कम हो जाएगी…

अब बताते हैं इस स्कीम के बारे में… यह पिछले दशकों में सबसे ज़्यादा प्रचलित और लोकप्रिय बचत योजना है, जिसे भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शुमार किया जाता है… इस योजना का नाम लोक भविष्य निधि है, जिसे अंग्रेज़ी में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, यानी Public Provident Fund या PPF कहा जाता है… इस योजना के तहत आप अपना खाता डाकघर, यानी पोस्ट ऑफिस अथवा किसी भी बैंक की शाखा में खोल सकते हैं…

PPF खाते में हर साल (यहां हम वित्तवर्ष, यानी 1 अप्रैल से 31 मार्च की बात कर रहे हैं) आप कम से कम 500 रुपये तथा अधिकतम 1,50,000 रुपये तक जमा करवा सकते हैं, जिसका ब्याज़ हर साल के अंतिम दिन आपके खाते में जोड़ दिया जाता है… सो, अब यदि आप हर साल 1 अप्रैल को ही पूरे डेढ़ लाख रुपये जमा करवा देते हैं, तो साल के अंत में आपके खाते में अधिकतम ब्याज जमा हो जाएगा… आज की तारीख में सरकार इस खाते पर 7.1 फीसदी की दर से ब्याज दिया करती है, जो पहले के सालों की तुलना में काफी कम हो चुका है, लेकिन फिर भी यह दर PPF को बेहतरीन निवेश विकल्पों में बनाए रखने के लिए पर्याप्त है…

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सरकार की EEE स्कीम में शुमार होती है, जिसका अर्थ है कि इसमें हर साल जमा करवाई गई रकम पर आपको टैक्स में छूट मिलती है, इस पर हर साल मिलने वाले ब्याज पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता, और अंत में परिपक्वता, यानी मैच्योरिटी के वक्त मिलने वाली समूची रकम (मूलधन निवेश तथा ब्याज) भी टैक्स के दायरे से पूरी तरह बाहर रहती है…

खैर, अब यह समझें कि आप इस स्कीम से रिटायरमेंट तक करोड़पति कैसे प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर बन सकते हैं… आप 25 साल की उम्र में PPF खाता खोलें, और हर साल 1 अप्रैल को ही खाते में अधिकतम सीमा वाले डेढ़ लाख रुपये जमा करवा दें, तो मौजूदा दर से अगले साल 31 मार्च को आपके खाते में 10,650 रुपये जमा हो जाएंगे, जो अगले वित्तवर्, के पहले दिन आपके खाते की शेष राशि, यानी बैलेन्स को 1,60,650 रुपये बना देंगे, और यही रकम अगले साल के निवेश के लिए जमा कराए गए डेढ़ लाख रुपये जुड़ते ही 3,10,650 रुपये हो जाएंगे, और अगले साल आपको डेढ़ लाख की जगह 3,10,650 रुपये पर ब्याज मिलेगा, जो 22,056 रुपये होगा… इसी तरह हर साल पहली अप्रैल को आप डेढ़ लाख जमा रुपये करवाते रहें, और मैच्योरिटी के 15 साल पूरे होने पर आपके खाते में 40,68,209 रुपये जमा होंगे, जिनमें आपका निवेश 22,50,000 रुपये और ब्याज की रकम 18,18,209 रुपये होगी…

अब इस वक्त आपकी उम्र सिर्फ 40 साल है, और आप अभी रिटायर होने से काफी दूर हैं… आपको करोड़पति बनाने की असली शुरुआत यहां से होगी… अब जानें कि PPF खाते को मैच्योर होने से पहले ही आवेदन कर पांच साल के लिए एक्सटेंड किया जा सकता है, और यह एक्सटेंशन आप कितनी भी बार हासिल कर सकते हैं… सो, आपको अपने PPF खाते को पांच साल के लिए एक्सटेंड करना है, और निवेश का अपना सालाना रूटीन बरकरार रखना है… जब यह अगली बार (PPF खाते के 20 साल और आपकी उम्र के 45 साल) मैच्योरिटी पर पहुंचेगा, तो इसमें कुल रकम 66,58,288 रुपये होगी, जिसमें आपका निवेश 30,00,000 रुपये तथा मिला हुआ ब्याज 36,58,288 रुपये होगा…

इसके बाद आप अपने PPF खाते को फिर एक्सटेंड कर दें, और निवेश करते रहें… अब 50 साल की उम्र में आपके पास प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर खाते में कुल जमा राशि 1,03,08,014 रुपये होगी, जिसमें आपका निवेश 37,50,000 रुपये और ब्याज की रकम 65,58,015 रुपये होगी… अब PPF खाते को फिर एक्सटेंड कीजिए, और पांच साल बाद जब आप 55 साल के होंगे, तब आपके खाते में कुल रकम 1,54,50,910 रुपये होगी, जिसमें निवेश की हुई रकम 45,00,000 तथा ब्याज की रकम 1,09,50,911 रुपये होगी… और अबकी बार एक्सटेंड करने के पांच साल बाद, यानी जब आप 60 साल के होंगे, तब आपके PPF खाते में कुल राशि 2,26,97,857 रुपये जमा होगी, जिसमें आपका निवेश कुल 52,50,000 रुपये होगा, जबकि ब्याज की रकम 1,74,47,857 रुपये होगी…

अब इस रकम की सबसे खास बात यह होगी कि इस पर आपको किसी भी तरह का कोई भी टैक्स नहीं देना होगा, और यह पूरी तरह व्हाइट मनी होगी… दिलचस्प तथ्य यह भी है कि इस रकम के लिए हर साल जो निवेश आपने किया, उस पर भी आप हर साल 46,800 रुपये के हिसाब से 35 साल में लगभग 16,38,000 रुपये की बचत कर चुके हैं…

इस स्कीम के बारे में विस्तार से सब कुछ पढ़ने के बाद जो खास बातें याद रखने लायक हैं, वह ये हैं…

  1. PPF खाते पर मिलने वाला ब्याज सरकार हर तिमाही में संशोधित करती है, सो, ब्याज दर घटाए-बढ़ाए जाने की स्थिति में रिटायरमेंट पर हासिल होने वाली आपकी कुल राशि भी घट-बढ़ सकती है…
  2. PPF खाते में निवेशक को हर साल निवेश की रकम को अप्रैल माह की शुरुआत में ही जमा करवाना चाहिए, ताकि अधिकतम ब्याज हासिल हो सके…
  3. याद रहे, इस ख़बर में दर्ज की गई मैच्योरिटी राशि PPF खाते को 35 साल तक चलाने के बाद हासिल हुई है, सो, अगर खाता खोलते वक्त आपकी आयु 25 साल से ज्यादा है, और आप इसे कम से कम चार बार एक्सटेंड नहीं करते हैं, तो भी आपको मिलने वाली रकम में अंतर हो सकता है…

डिस्क्लेमर : इस पृष्ठ पर दी गई सामग्री गैर-सम्पादकीय है, और बैतूल प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर समाचार इसमें दिए गए किसी भी आश्वासन (स्पष्ट या अस्पष्ट), और उससे जुड़े वादों को भी नकारता है, और किसी भी प्रकार से सामग्री की पुष्टि नहीं करता है. पाठकों / यूज़रों को सावधानी और समझदारी बरतनी चाहिए, तथा लागू होने वाले सभी कानूनों का पालन करना चाहिए, जिनमें कराधान से जुड़े कानून भी शामिल हैं. उपर्लिखित सामग्री किसी भी तरह निवेश की सलाह नहीं है, और न ही नौकरी / रोज़गार / आय का अवसर के विकल्प के रूप में प्रचारित किया, या सुझाया जा रहा है, जिनसे वित्तीय दिक्कतें दूर हो सकें, या वित्तीय सुरक्षा हासिल हो सके.

साक्षरता और शिक्षा में अंतर

साक्षरता एवं शिक्षा में बहुत बड़ा अंतर होता है। एक प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर व्यक्ति बिना साक्षर हुए भी पूर्ण रूप से शिक्षित हो सकता है। अकबर महान इसका एक सर्वोत्तम उदाहरण है। बहुत से संत महात्मा एवं धार्मिक गुरु निरक्षर थे, लेकिन वे काफी ज्ञानी थे---

सफलता की कला वास्तव में हमारे मस्तिष्क के दक्षतापूर्ण संचालन की एक कला है। यहां यह समझना महत्वपूर्ण है कि साक्षरता एवं शिक्षा में बहुत बड़ा अंतर होता है। एक व्यक्ति बिना साक्षर हुए भी पूर्ण शिक्षित हो सकता है। अकबर महान इसका एक सर्वोत्तम उदाहरण है। बहुत से संत महात्मा एवं धार्मिक गुरु निरक्षर थे, लेकिन वे काफी ज्ञानी थे। दूसरी ओर हमारे देश में या विश्व में कहीं भी साक्षर और उच्च डिग्री प्राप्त लोगों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन उन लोगों की संख्या काफी कम होती है, जो उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने तथा इस विश्व को कुछ अर्थपूर्ण योगदान दे जाने के लिए वास्तविक रूप से स्वयं को शिक्षित होने का दावा करते हैं। सच्चे अर्थ में शिक्षा का सीधा सम्बंध आत्मबोध से होता है। अकादमिक शिक्षा हमें साक्षर और सूचनाओं एवं ज्ञान से समृद्ध बना सकती है लेकिन उनका इस्तेमाल एवं अर्थवत्ता हमारी वास्तविक शिक्षा की शक्ति पर निर्भर करती है। गैलीलियो का कहना है कि आप व्यक्ति को कुछ भी नहीं सिखा सकते। आप उसे स्वयं के अंदर ढूंढ़ने में केवल सहायता कर सकते हैं। ईश्वर ने पहले से ही महमारे मस्तिष्क को शक्ति प्रदान कर रखी है। हमें सिर्फ इस बात की खोज करनी है कि हम अधिकतम लाभ के लिए उसका कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। एक सच्चा प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर शिक्षक वही है जो अपने विद्यार्थी के मस्तिष्क की मौलिकता को मारे नहीं, बल्कि उसे आत्मानुभूति करने में सहायता प्रदान करे। मैं इस संबंध में गौतम बुद्ध के दर्शन में काफी विश्वास करता हूं। वह कहते हैं कि किसी भी चीज पर तब तक विश्वास मत करो, जब तक कि वह तुम्हारे अपने विवेक एवं अपनी सहज बुद्धि को स्वीकार्य न हो, चाहे जहां से तुमने उसे पढ़ा हो या जिसने भी कहा हो, यहां तक चाहे मैंने भी कहा हो। इस प्रकार सफलता की मेरी कला का उद्देश्य आप सबको उन गुणों को याद दिलाना है, जो पहले से ही आपके मस्तिष्क में गहरे बैठे हुए हैं। आपको सिर्फ अनुभव करने और अपनी उच्च उपलब्धियों के लिए गति प्रदान करने की जरूरत है। यहां यह समझना प्रासंगिक होगा कि हम किसी भी चीज का उसे सम्बंधित चीज को सही परिप्रेक्ष्य में पहचान, समझ और व्याख्यायित करने में असमर्थ होंगे, जिससे सम्बंधित सूचना हमारी होती है। जिस प्रकार से कंप्यूटर बिना उपयुक्त सॉफ्रटवेयर के इच्छित परिणाम नहीं दे सकता, ठीक ऐसी ही स्थिति हमारे मस्तिष्क की भी होती है। हमें जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको उपयुक्त सॉफ्रटवेयर की आवश्यकता होती है। सिविल सेवा के परीक्षा के मामले में आपके व्यक्तित्व में प्रशासनिक गुणों वाले मानवीय सॉफ्रटवेयर की जरूरत होगी। आपके पास इनमें से अधिकांश चीजें मौजूद हैं, बस जरूरतों के अनुरूप प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टोकरेंसी में अंतर उनको परिमार्जित करने की आवश्यकता है। अब तक आपका मानव सॉफ्रटवेयर शैक्षिक है और ये सब आपके व्यक्तित्व में अनियमित एवं अनियंत्रित तरीके से समाहित होते रहते हैं, क्योंकि बचपन से ही आपके माता-पिता, परिवार, स्कूल, कॉलेज अन्य शैक्षणिक संस्थानों, मित्रें, सम्बंधियों, शिक्षकों, मीडिया एवं विभिन्न प्रकार के अध्ययन द्वारा इसी प्रकार की प्रोग्रामिंग की जाती रही है।

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