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समर्थन क्या है?

समर्थन क्या है?
सरकार ने कहा कि फसल वर्ष 2022-23 के लिए रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि आम बजट 2018-19 के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के मुकाबले कम से कम 1.5 गुना तय करने की घोषणा की गई है। सरकार ने कहा कि इससे किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिलेगा। बयान में कहा गया समर्थन क्या है? कि वर्ष 2014-15 से तिलहन और दलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नए सिरे से प्रयास किए गए हैं। इसके बाद दलहन और तिलहन की पैदावार काफी बढ़ी है। कृषि मंत्रालय के चौथे अग्रिम अनुमान के अनुसार तिलहन उत्पादन 2014-15 में 275 लाख टन से बढ़कर 2021-22 में 377 लाख टन हो गया है। इसी तरह दलहन की पैदावार में भी वृद्धि हुई है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य

न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या होता है? MSP Rate 2022-23 | Minimum Support Price

सरकार के द्वारा से किसानों का विकाशन करने की निरंतर कोशिशें की जाती है जिसके लिए सरकार विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित करती है समर्थन क्या है? भारत सरकार के माध्यम फसल की खरीद पर एक न्यूनतम मूल्य पर भुगतान किया जाता है इस मूल्य को न्यूनतम समर्थन मूल्य कहा जाता है तो दोस्तों आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से Minimum Support Price से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी को प्रदान करेंगे। आप इस आर्टिकल को पढ़कर जान सकेंगे कि MSP 2022-23 क्या होता है तथा इसकी हाइलाइट्स, उद्देश्य, लाभ, पात्रता, आदि से संबंधित जानकारी भी विवरण की जाएगी। तो अगर आप Niyuntam Samarthan Mulye का पूरा ब्यौरा प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ना होगा।

Minimum Support Price 2022-23

दोस्तों समर्थन क्या है? न्यूनतम समर्थन मूल्य किसी भी फसल के लिए न्यूनतम मूल्य होता है जिसे सरकार किसानों को विवरण करती है इस मूल्य से कम कीमत पर समर्थन क्या है? सरकार के माध्यम फसल को नहीं खरीदा जा सकता है सरकार के द्वारा न्यूनतम मूल्य पर फसल की खरीद की जाती है सेंट्रल गवर्नमेंट के माध्यम वर्तमान में 23 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान किया जाता है जिसमें 7 अनाज (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी और जौ) 5 दाले (चना, अरहर, उड़द, मूंग और मसूर) 7 तिलहन (रेपसीड-सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम नाइजर सीड) तथा 4 व्यवसायिक फसल (कपास, गन्ना, खोपरा और कच्चा जूट उपस्थित है।

Minimum Support Price किसानों एवं उपभोक्ताओं के लिए एक रियायत मूल्य सुनिश्चित करता है कृषि लागत तथा मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकार के माध्यम हर साल अनाज, दलहन, तिलहन तथा वाणिज्यिक फसलों जैसे कृषि फसलों के लिए संबंधित राज्य सरकारों एवं केंद्रीय विभागों के माध्यम विचार करने के बाद एमएससी की घोषणा की जाती है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि

मित्रों जैसा कि आप सभी जानते हैं कि सरकार के माध्यम से न्यूनतम मूल्य पर किसानों से फसल की खरीद की जाती है जिससे कि किसी भी किसान की फसल खराब ना हो सरकार के द्वारा हर एक फसल के लिए एक मूल्य निर्धारित किया गया है जिससे नीचे उस फसल की खरीद नहीं की जाती है हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के माध्यम रबी सीजन 2022-23 के अंतर्गत रबी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का फैसला लिया गया है जिससे कि किसानों को ज्यादा आय की प्राप्ति हो सके यह आदेश फसलों के विधिकारण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है मसूर, चना, जौ और कुसुम के फलों के लिए किसानों को उनकी उत्पादन लागत की तुलना में ज्यादा मूल्य प्राप्त होगा इसके अलावा तिलहन, दलहन और मोटे अनाज के पक्ष में न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है।

Minimum Support Price Highlights

योजना का नामन्यूनतम समर्थन मूल्य
किसके माध्यम से आरंभ की गईकेंद्र सरकार के समर्थन क्या है? माध्यम
उद्देश्यकिसानों को फसल का सही दाम प्रदान करना
फायदा पाने वालेभारत देश के किसान
साल2022
आधिकारिक वेबसाइटhttps://farmer.gov.in/FarmerHome.aspx

न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रमुख उद्देश्य (Objective)

Minimum Support Price किसानों को अपनी फसल के सही दाम दिलवाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है सरकार के माध्यम से करीब-करीब 25 फसलों का एक न्यूनतम दाम तय कर दिया जाता है जिस मूल्य से नीचे फसल को नही खरीदा जा सकता है यह योजना किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलवाने में कारगर साबित होगी इसके अलावा इस योजना के द्वारा से किसान सशक्त तथा आत्मनिर्भर भी बनेंगे न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना किसानों के जीवन स्तर को सुधारने में भी कारगर साबित होगी इसके अलावा उपभोक्ताओं तक भी फसल सही दामों में पहुंच सकेगी इस मूल्य को कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकार के माध्यम हर साल घोषित किया जाता है।

गेहूं और सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा

गेहूं और सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा

सांकेतिक फोटो।

सरसों का एमएसपी 400 रुपए बढ़ाकर 5,450 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। बयान के मुताबिक, किसानों के उत्पादन और आय को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में छह रबी फसलों का एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया गया। एमएसपी वह दर है, जिस पर सरकार किसानों से कृषि उपज खरीदती है। इस समय सरकार खरीफ और रबी, दोनों सत्रों में उगाई जाने वाली 23 फसलों के लिए एमएसपी तय करती है।

रबी (सर्दियों) फसलों की बुवाई, खरीफ (गर्मी) फसलों की कटाई के बाद अक्तूबर में शुरू होती है। गेहूं और सरसों रबी की प्रमुख फसलें हैं। सीसीईए ने फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) और विपणन सत्र 2023-24 में छह रबी फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी है। फसल वर्ष 2022-23 के लिए गेहूं का एमएसपी 110 रुपए बढ़ाकर 2,125 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो फसल वर्ष 2021-22 में 2,015 रुपए प्रति क्विंटल था। बयान में कहा गया है कि गेहूं की उत्पादन लागत 1,065 रुपए प्रति क्विंटल रहने का अनुमान है।

समर्थन मूल्य का क्या अर्थ है -

A. सरकार द्वारा मूल्य पर दी गई सहायता
B. न्यूनतम विक्रय मूल्य
C. न्यूनतम विक्रय मूल्य जिस पर सरकार क्रय करने का आश्वासन होती है
D. सूखा एवं बाढ़ की स्थिति में कृषकों को दी गई राशि
उत्तर 3
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समर्थन क्या है?

खाद्य सुरक्षा L3,l4 Hw चुनावी राजनीतीl1,l2,l3,l4 Hw

न्यूनतम समर्थन मूल्य से क्या अ .

Solution : न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह दर है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है और यह किसानों की उत्पादन लागत के कम-से-कम डेढ़ गुना अधिक होती है। 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' किसी भी फसल के लिये वह 'न्यूनतम मूल्य' है, जिसे सरकार किसानों के लिये लाभकारी मानती है और इसलिये इसके माध्यम से किसानों का 'समर्थन' करती है।

किसानों को राहत: सरकार ने खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया, तिल की MSP 523 रु., तुअर समर्थन क्या है? और उड़द दाल की 300 रु. बढ़ी

कोरोना महामारी के दौरान लगातार तीसरे साल सरकार ने खरीफ की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाया है। कैबिनेट की बैठक में खरीफ की 14 फसलों की 17 वैरायटियो की नई MSP को मंजूरी दे दी। तिल की MSP 523 रु., तुअर और उड़द दाल की 300 रुपए बढ़ाई गई है। धान (सामान्य) की MSP पिछले साल के 1,940 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,040 रुपए प्रति क्विंटल की गई है यानी 100 रुपए ज्यादा। MSP का बजट बढ़कर 1 लाख 26 हजार हो गया है।

किस फसल की MSP कितनी हुई

फसलMSP 2021-22 (रु. में)MSP 2022-23 (रु. में)MSP कितनी बढ़ी (रु. में)
धान (सामान्य)19402040100
धान (A ग्रेड)19602060100
ज्वार (हाईब्रिड)27382970232
ज्वार (मालदंडी)27582990232
बाजरा22502350100
रागी33773578201
मक्का1870196292
तुअर63006600300
मूंग72757755480
उड़द63006300300
मूंगफली55505850300
सूरजमुखी60156400385
सोयाबीन39504300350
तिल73077830523
रामतिल69307287357
कपास (मिडिल स्टेपल)57266080354
कपास (लॉन्ग स्टेपल)60256379354
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