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क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्या है

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्या है
जिस तरह से स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं, वैसे ही क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर एक निश्चित प्राइस पर क्रिप्टोकरेंसी खरीद सकते हैं और जब मुनाफा मिले तो इसे बेच सकते हैं. (Representative Image)

FTX Crypto Exchange: क्रिप्टो एक्सचेंज FTX दिवालिया कार्यवाही के लिए तैयार, CEO सैम बैंकमैन-फ्रायड ने दिया इस्तीफा

FTX Crypto Exchange: दुनिया की तीसरे सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज FTX ने दिवालिया प्रक्रिया के तहत अमेरिका में आवदेन कर दिया है और इसके सीईओ सैम बैंकमैन-फ्रायड ने भी रिजाइन कर दिया है.

By: ABP Live | Updated at : 12 Nov 2022 12:28 PM (IST)

FTX Crypto Exchange: क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स (FTX) के सीईओ सैम बैंकमैन-फ्रायड (CEO Sam Bankman-Fried) ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. FTX ने अमेरिका में दिवालिया कानून के तहत संरक्षण के लिए आवेदन किया है. वित्तीय संकट में फंसे इस क्रिप्टो-एक्सचेंज ने शुक्रवार 11 नवंबर को एक बयान में यह जानकारी दी है.

24 घंटे में हो चली गई संपत्ति
सैम बैंकमैन-फ्रायड को नेटवर्थ में 24 घंटे में लगभग 94 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है. उनकी संपत्ति घट कर 991.5 मिलियन डॉलर रह गई, जबकि वह 15.2 अरब डॉलर के मालिक थे. ब्‍लूमबर्ग रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी अरबपति (Billionaire) की संपत्ति में 1 दिन में आने वाली यह सबसे बड़ी गिरावट है.

इतना देना होगा पैसा
FTX इस सप्ताह की शुरुआत में अरबों डॉलर के फंड की कमी के चलते अचानक धाराशायी हो गया था. यह एक्सचेंज धराशायी तब हुआ, जब बाइनेंस (Binance) इस सप्ताह की शुरुआत में इसे खरीदने की प्रस्तावित डील से पीछे हट गई और निवेशकों से 9.4 अरब डॉलर की रकम जुटा पाने में नाकाम रहा. कंपनी का कहना है कि बैंकमैन-फ्रायड की ट्रेडिंग फर्म Alameda Research के लिए भी दिवालिया कानून के तहत संरक्षण की मांग की क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्या है गई है. FTX की वित्तीय समस्या के पीछे इस ट्रेडिंग फर्म का भी हाथ है और इसे FTX को करीब 10 अरब डॉलर चुकाने हैं.

वॉरेन बफे से करते थे तुलना
आपको बता दे कि FTX कंपनी के फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्राइड को 'क्रिप्टो-अरबपति' और 'क्रिप्टो की दुनिया का सबसे दिग्गज निवेशक माना जाता था. कई बार फ्रायड की तुलना शेयर बाजार के दिग्गज निवेश वॉरेन बफे (Warren Buffett) से भी की जाती थी, लेकिन अचानक उनके दिन बदल गए.

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क्या है क्रिप्टो-फर्मों का भविष्य
इसके अलावा इसने BlockFi और दिवालिया हो चुकी क्रिप्टो लेंडर Voyager Digital जैसी छोटी कंपनियों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे है. इसमें TerraUSD नाम की क्रिप्टोकरेंसी के क्रैश होने के बाद FTX से राहत पैकेज पर हस्ताक्षर किए थे.

मामले की जांच शुरू
अब इस मामले की जांच में अमेरिका का जस्टिस डिपार्टमेंट और सिक्योरिटी एक्सचेंज लगा गया हैं. पता लगाया जा रहा है कि क्या कंपनी ने बैंकमैन फ्राइड के हेज फंड में दांव लगाने के लिए ग्राहकों की जमा राशि का इस्तेमाल किया था. रेगुलेटर्स इस तरह के किसी उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति को जुर्माना और जेल की सजा सुना सकते हैं.

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Published at : 12 Nov 2022 12:27 PM (IST) Tags: Cryptocurrency billionaires binance FTX Sam Bankman Fried Changpeng Zhao हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

Crypto Currency में निवेश का है इरादा, तो जान लें इनकी ट्रेडिंग पर लगती है कौन-कौन सी फीस

अगर आप क्रिप्टो करेंसी में निवेश की योजना बना रहे हैं तो इनकी ट्रेडिंग के लिए लगने वाली तीन तरह की ट्रांजैक्शन फीस के बारे में जरूर जान लें.

Crypto Currency में निवेश का है इरादा, तो जान लें इनकी ट्रेडिंग पर लगती है कौन-कौन सी फीस

जिस तरह से स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं, वैसे ही क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर एक निश्चित प्राइस पर क्रिप्टोकरेंसी खरीद सकते हैं और जब मुनाफा मिले तो इसे बेच सकते हैं. (Representative Image)

Trading in Crypto Currencies: दुनिया भर में निवेशकों के बीच क्रिप्टो करेंसी में निवेश को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है. इसमें क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज के जरिए ट्रेडिंग होती है. इस एक्सचेंज पर मौजूदा मार्केट वैल्यू के आधार पर क्रिप्टो करेंसीज को खरीदा-बेचा जाता है. जहां इनकी कीमत मांग और आपूर्ति के हिसाब से तय होती है. जिस तरह से स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं, वैसे ही क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज पर एक निश्चित प्राइस पर क्रिप्टो करेंसी खरीद सकते हैं और जब मुनाफा मिले तो बेच सकते हैं. स्टॉक एक्सचेंज की तरह ही क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज पर भी ट्रेडिंग के लिए फीस चुकानी होती है. इसलिए अगर आपने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो पहले इनकी ट्रेडिंग पर लगने वाली तीन तरह की ट्रांजैक्शन फीस के बारे में जरूर जान लें.

एक्सचेंज फीस

  • क्रिप्टो खरीद या बिक्री ऑर्डर को पूरा करने के लिए एक्सचेंज फीस चुकानी होती है. भारत में अधिकतर क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज का फिक्स्ड फीस मॉडल है, लेकिन ट्रांजैक्शन की फाइनल कॉस्ट उस प्लेटफॉर्म पर निर्भर होती है जिस पर ट्रांजैक्शन पूरा हुआ है. ऐसे में इसे लेकर बेहतर रिसर्च करनी चाहिए कि कौन सा क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज सबसे कम ट्रांजैक्शन फीस ले रहा है.
  • फिक्स्ड फीस मॉडल के अलावा क्रिप्टो एक्सचेंज में मेकर-टेकर फी मॉडल भी है. क्रिप्टो करेंसी बेचने वाले को मेकर कहते हैं और इसे खरीदने वाले को टेकर कहते हैं. इस मॉडल के तहत ट्रेडिंग एक्टिविटी के हिसाब से फीस चुकानी होती है.

नेटवर्क फीस

  • क्रिप्टोकरेंसी माइन करने वालों को नेटवर्क फीस चुकाई जाती है. ये माइनर्स शक्तिशाली कंप्यूटर्स के जरिए किसी ट्रांजैक्शन को वेरिफाई और वैलिडेट करते हैं और ब्लॉकचेन में जोड़ते हैं. एक तरह से कह सकते हैं कि कोई ट्रांजैक्शंन सही है या गलत, यह सुनिश्चित करना इन माइनर्स का काम है. एक्सचेंज का नेटवर्क फीस पर सीधा नियंत्रण नहीं होता है. अगर नेटवर्क पर भीड़ बढ़ती है यानी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्या है अधिक ट्रांजैक्शन को वेरिफाई और वैलिडेट करना होता है तो फीस बढ़ जाती है.
  • आमतौर पर यूजर्स को थर्ड पार्टी वॉलेट का प्रयोग करते समय ट्रांजैक्शन फीस को पहले से ही सेट करने की छूट होती है. लेकिन एक्सचेंज पर इसे ऑटोमैटिक एक्सचेंज द्वारा ही सेट किया जाता है ताकि ट्रांसफर में कोई देरी न हो. जो यूजर्स अधिक फीस चुकाने के लिए तैयार हैं, उनका ट्रांजैक्शन जल्द पूरा हो जाता है और जिन्होंने फीस की लिमिट कम रखी है, उनके ट्रांजैक्शन पूरा होने में कुछ समय लग सकता है. माइनर्स को इलेक्ट्रिसिटी कॉस्ट और प्रोसेसिंग पॉवर के लिए फीस दी जाती है.

वॉलेट फीस

  • क्रिप्टो करेंसी को एक डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है. यह वॉलेट एक तरह से ऑनलाइन बैंक खाते के समान होता है जिसमें क्रिप्टो करेंसी को सुरक्षित रखा जाता है. अधिकतर वॉलेट में क्रिप्टो करेंसी के डिपॉजिट और स्टोरेज पर कोई फीस नहीं ली जाती है, लेकिन इसे निकालने या कहीं भेजने पर फीस चुकानी होती है. यह क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्या है मूल रूप से नेटवर्क फीस है. अधिकतर एक्सचेंज इन-बिल्ट वॉलेट की सुविधा देते हैं.
  • क्रिप्टो वॉलेट्स सिस्टमैटिक क्रिप्टो करेंसी खरीदने का विकल्प देते हैं और इसके इंटीग्रेटेड मर्चेंट गेटवे के जरिए स्मार्टफोन व डीटीएस सर्विसेज को रिचार्ज कराया जा सकता है.
    (Article: Shivam Thakral, CEO, BuyUcoin)
    (स्टोरी में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दिए गए सुझाव लेखक के हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर परामर्श कर लें.)

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क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्या होते हैं?

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज वो मंच होते हैं जो ट्रेडर्स को क्रिप्टोकरेंसी, डेरिवेटिव और अन्य क्रिप्टो संबंधी परिसंपत्तियाँ खरीदने और बेचने की क्षमता देते हैं। आजकल, चुनने के लिए काफी क्रिप्टो एक्सचेंज मौजूद है, और एक या दो पहलुओं में उन सभी के अपने फायदे हैं। सर्वोत्तम क्रिप्टो एक्सचेंजों के बारे में अधिक जानें, और वो चुनें जो आपको अपने क्रिप्टो-संबंधी निवेश लक्ष्यों को पहुँचने में मदद करता हो।

विश्व स्टार पर शीर्ष क्रिप्टो एक्सचेंज

2008 में बिटकोइन का श्वेत पत्र जारी होने के साथ क्रिप्टो एक्सचेंज पहली बार उभरना शुरू हुए। जब से मूल क्रिप्टोकरेंसी वैश्विक रूप से लॉन्च हुई है, क्रिप्टो एक्सचेंजों ने क्रिप्टो ट्रेडिंग को कानूनी और अधिक लोगों के लिए सुलभ बनाने के तरीके ढूंढ।

बिटकोइन के जारी होने के बाद के पहले कुछ साल काफी अशांत थे, कई एक्सचेंज विधायी दबाव में गिर गए थे। हालांकि, उस समय के कुछ शीर्ष क्रिप्टो एक्सचेंज आज तक अपनी स्थिति बनाए रखते हुए, दृढ़ रहने और अग्रणी बनने में कामयाब रहे।

क्रिप्टो एक्सचेंज उद्योग में सबसे प्रमुख नामों में से एक बाईनेंस का है। 2017 में स्थापित, एक्सचेंज ट्रेड वॉल्यूम के हिसाब से जल्दी ही शीर्ष स्थान पर पहुँच गया, इसने 2021 के शुरुआत तक 36 बिलियन USD के ट्रेड पंजीकृत किए हैं।

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्षेत्र में जेमिनी एक और बड़ा नाम है। 2014 में विंकलवोस जुड़वाँ भाइयों द्वारा स्थापित, जेमिनी ने 175 मिलियन अमरीकी डालर से अधिक के ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ चार्ट में अपनी स्थिति को मजबूत करने में कामयाबी हासिल की है। सिर्फ इतना ही नहीं, विंकलवोस भाइयों ने जेमिनी डॉलर टोकन भी लॉन्च किया है।

आखिर में बात करते हैं कोइनबेस की, यूनाइटेड स्टेट्स में ट्रेडिंग वॉल्यूम के हिसाब से सबसे बड़ा एक्सचेंज, और संभवतः इसका नाम सबसे प्रमुख है। ब्रायन आर्मस्ट्रांग और फ्रेड एहरसम ने 2012 में कॉइनबेस की स्थापना की, और आज इसके वैश्विक स्तर पर एक सौ नब्बे से अधिक देशों में ग्राहक हैं। एक्सचेंज 2021 की शुरुआत में 2 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक तक पहुँच गया है और ये बड़ी ट्रेडिंग वॉल्यूम प्रोसेस करता है।

क्रिप्टो एक्सचेंज पैसा कैसे बनाते हैं?

कई अलग-अलग तरीके हैं जिनसे क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज लाभ कमा सकते हैं। इन सभी तरीकों में लेनदेन प्रसंस्करण के लिए शुल्क लगाना शामिल है।

संभवत: सबसे लोकप्रिय लेनदेन शुल्क प्रतिशत-आधारित है: इसका मतलब यह है कि लेनदेन को पूरा करने के लिए एक्सचेंज ट्रेडर से ट्रेड किए गए मूल्य का एक प्रतिशत चार्ज करता है। प्लेटफार्मों के बीच प्रतिशत शुल्क काफी भिन्न होता है, यही कारण है कि एक्सचेंज का चयन करने से पहले खुद से शोध करना आवश्यक है।

कुछ एक्सचेंज एक फ्लैट-फीस चार्ज भी ऑफर करते हैं, जो क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेड की गयी मात्रा की परवाह नहीं करता है लेकिन प्रत्येक सफल लेनदेन के लिए एक निर्धारित राशि लेता है। बड़ी मात्रा में क्रिप्टोकुरेंसी का आदान-प्रदान करने वाले बड़े व्यापारियों के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि प्रतिशत-आधारित शुल्क शायद फ्लैट चार्ज से अधिक होगा।

डेरिवेटिव्स ट्रेड करने के लिए श्रेष्ठ क्रिप्टो एक्सचेंज

क्रिप्टो डेरिवेटिव्स और एक्सचेंज-ट्रेडेड नोट्स (ETN) विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी द्वारा समर्थित संपत्तियां हैं। जैसे-जैसे क्रिप्टोकरेंसी बाजार बढ़ता गया और अधिक ग्राहकों को आकर्षित होना शुरू हुए, एक्सचेंजों ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग शुरू की। ऑप्शंस और फ्यूचर्स दो सबसे सामान्य प्रकार के डेरिवेटिव हैं।

दूसरी ओर, ईटीएन असुरक्षित ऋण सेक्योरिटीज होती हैं, जिनके दाम में अंतर्निहित सेक्योरिटीज के सूचकांक का पालन करते हुए उतार-चढ़ाव आता रेहता है। स्टॉक की तरह, ईटीएन एक आकर्षक ट्रेड विकल्प हैं, यही वजह है कि एक्सचेंजों ने उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर पेश करना शुरू कर दिया।

हुओबी ग्लोबल, 2013 में स्थापित, डेरिवेटिव ट्रेड ऑफर करने वाले शीर्ष क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक है। यह प्रत्येक ट्रेड पर 0.04% के टेकर्स शुल्क के साथ एक प्रतिशत शुल्क वसूलता है। हुओबी वैश्विक स्तर पर सबसे लंबे समय से चल रहे क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक है। यह चीन द्वारा बिटकोइन ट्रेडिंग पर बैन लगाने के बाद भी बचा रहा है। प्लेटफॉर्म ने 2017 और 2018 में कई अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज लॉन्च किए, जिनमें जापान और सिंगापुर के एक्सचेंज शामिल हैं। ट्रेड किए गए डेरिवेटिव के मामले में हुओबी, बाइनेंस के बाद, दूसरा सबसे बड़ा एक्सचेंज है।

एक अन्य विकल्प है FTX/), जो पूरी तरह से क्रिप्टो डेरिवेटिव के व्यापार को सरल एवं सुगम बनाने के लिए किया गया था। FTX में बाइनेंस और हुओबी के जैसे ही मेकर और टेकर फीस ली जाती है; मगर, एक्सचेंज के बारे में एक प्रभावशाली तथ्य यह है कि 2021 तक इसे चालू हुए दो साल ही हुए हैं। 2019 में स्थापित, FTX ने क्रिप्टो डेरिवेटिव क्षेत्र में स्वयं के लिए एक नाम बना लिया है।

क्रिप्टो डेरिवेटिव्स पर ट्रेड करना कभी इससे आसान नहीं रहा है। क्रिप्टो की बढ़ती लोकप्रियता के साथ, डेरिवेटिव्स और ईटीएन की डिमांड भी समय के साथ बढ़ती जाएगी। क्रिप्टो एक्सचेंजों ने प्रगतिशीलता दिखाते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग ऑप्शन लॉन्च करना शुरू कर दिया है। मगर, दिमाग में यह बात रखना जरूरी है कि किसी अन्य प्रकार के निवेश की तरह ही क्रिप्टो डेरिवेटिव्स में ट्रेड करने में जोखिम है।

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर ED का बड़ा एक्शन, Vauld की 370 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कंपनियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. पहले WazirX की संपत्तियां जब्त की गईं, अब जांच एजेंसी ने Cryptocurrency Exchange Vauld की संपत्तियों को भी जब्त कर दिया है.

Vauld की संपत्ति जब्त (Representative Photo : Getty)

मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2022,
  • (अपडेटेड 11 अगस्त 2022, 10:10 PM IST)
  • एक्सचेंज के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
  • NBFC की पार्टनर फिनटेक ने की हेरा-फेरी

भारत में क्रिप्टोकरेंसी का फ्यूचर क्या होगा? ये सवाल पहले से खड़ा हुआ है. इस बीच देश में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज की सुविधाएं देने वाली कंपनियों के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले WazirX नाम के एक्सचेंज की संपत्तियां जब्त की थीं और इसके कुछ ही दिन बाद आज यानी गुरुवार को Vauld के एसेट को भी जब्त कर लिया गया है.

Vauld की 370 करोड़ की संपत्ति जब्त की

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच को अंजाम दे रही ईडी ने गुरुवार को Vauld की 370 करोड़ रुपये मूल्य की परिसंपत्ति (एसेट) जब्त कर ली. इस बीच वैश्विक क्रिप्टो एक्सचेंज Binance ने सोमवार को ऐलान किया था कि वह WazirX के साथ अपने ऑफ-चेन फंड ट्रांसफर को बंद कर रही है. WazirX के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पहले से चल रही है. ईडी वजीरएक्स के अज्ञात वॉलेटस में 2,790 करोड़ रुपये मूल्य की क्रिप्टो एसेट बाहर भेजे जाने की जांच कर रही है.

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क्रिप्टो एक्सचेंज के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

इतना ही नहीं ईडी कई भारतीय गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) और उनके फिनटेक पार्टनर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है. ये जांच NBFCs की सहयोगी फिनटेक कंपनियों के खिलाफ RBI के लोन देने के दिशानिर्देशों के उल्लंघन और निजी डेटा के दुरुपयोग को लेकर की जा रही है. साथ ही लोन पर ज्यादा ब्याज वसूलने के लिए कर्जदारों के साथ अभद्र भाषा में बात करने और धमकाने की जांच भी जारी है.

जांच एजेंसी का कहना है कि कई फिनटेक कंपनियों में चीनी कंपनियों का निवेश है और वो आरबीआई से एनबीएफसी का लाइसेंस नहीं ले सकी. ऐसे में कर्ज का कारोबार करने के लिए उन्होंने MoU का रास्ता अपनाया और बंद हो चुकी एनबीएफसी कंपनियों के साथ करार किया, ताकि उनके लाइसेंस पर काम कर सकें.

फिनटेक कंपनियों ने की हेरा-फेरी

जब इस मामले में आपराधिक जांच शुरू हुई, तो इनमें से कई फिनटेक कंपनियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी और इससे कमाए गए भारी मुनाफे के पैसे की हेरा-फेरी की. जांच में ये भी पाया गया कि फिनटेक कंपनियों ने इस पैसे से बड़े स्तर पर क्रिप्टो करेंसी खरीदी और फिर इन पैसों को विदेश भेज दिया. ईडी का कहना है कि अभी इन कंपनियों और वर्चुअल एसेट का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है.

WazirX के दावों में आ रहा फर्क

जांच एजेंसी ने इस मामले में क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनियों को समन जारी किए हैं. ये देखा गया है कि सबसे ज्यादा पैसों का लेन-देन वजीरएक्स के साथ हुआ और खरीदे गए क्रिप्टो एसेट किसी अनाम विदेशी वॉलेट में डाइवर्ट कर दिए गए.

ईडी का कहना है कि वजीर क्रिप्टो एक्सचेंज ने अमेरिका, सिंगापुर की कई क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनियों के साथ वेब एग्रीमेंट किए. लेकिन अब वजीरएक्स के एमडी निश्चल शेटटी से मिली जानकारी और जैनमई के दावों में अंतर पाया गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए ईडी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए कंपनी के बैंक खातों को कुर्क कर दिया है.

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