विश्लेषिकी और प्रशिक्षण

निवेश प्रभाग

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“अहमदाबाद, गांधीनगर और गिफ्ट सिटी (GIFT City) को ट्राई सिटी (Tri-City) के रूप में विकसित किया जा
सकता है। अधिग्रहित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि का एक बड़ा हिस्सा राज्य का है और इसलिए,
GIFTUDA के तहत स्थानांतरित किया जाएगा। निजी भूमि को अधिग्रहित करने के बजाय नगर नियोजन
योजना के समान उपयोग के लिए निर्धारित किया जाएगा।” एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की
शर्त पर कहा।

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भारतीय राजनीति और संविधान

निम्नलिखित में से कौन केंद्रीय .

आर्थिक मामलों के विभाग राजस्व विभाग व्यय विभाग कोई विकल्प सही नहीं है

Solution : आर्थिक मामलों के विभाग, वित्त मंत्रालय को चौदह कार्यात्मक प्रभागों में विभाजित किया गया है। (i) प्रशासन, (ii) सहायता, लेखा और लेखा परीक्षा, (iii) द्विपक्षीय सहयोग (iv) बजट (v) मुद्रा और सिक्का (vi) आर्थिक प्रभाग, (vii) वित्तीय बाजार, (viii) कमोडेटिव डेरिवेटिव, (ix) एफएसएलआरसी (x) एफएसडीसी, (xi) बुनियादी ढाँचा और ऊर्जा (xii) निवेश, (xiii) बहुपक्षीय संस्थान और (xiv) बहुपक्षीय संबंध I

Edge Data Center यूपी में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा एज डेटा नेटवर्क, हर जिले में होंगे केंद्र

लखनऊ : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एज डेटा सेंटर (Edge Data Center) का दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क (Network) बनेगा। वैश्विक डेटा सेंटर आपरेटरों का पसंदीदा निवेश स्थल बन रहे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बड़े पैमाने कंपनियां अपना केंद्र बना रही हैं। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में डेटा सेंटर की स्थापना के लिए वैश्विक कंपनी वियुनाऊ इन्फोटेक ने 13500 करोड़ रुपए के निवेश का करार किया है।

प्रदेश के अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार और वियुनाऊ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हे हस्ताक्षर के मुताबिक कंपनी प्रदेश के सभी जिलों में एज डेटा सेंटर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगी। एमओयू पर हस्ताक्षर के मौके पर मौजूद मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से ग्लोबल डेटा सेंटर ऑपरेटरों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

एज डेटा सेंटर का दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क स्थापित होगा

प्रदेश सरकार प्रत्येक जिले में डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इस एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद प्रदेश में एज डेटा सेंटर का दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि इन डेटा केंद्रों की स्थापना राज्य को भविष्य में 5 जी नेटवर्क के तेजी से रोलआउट में निवेश के लिए सीडिंग ग्राउंड के साथ ब्लॉकचैन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने के लिए कंप्यूटिंग क्षमता में वृद्धि करने में सक्षम बनाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि डेटा केंद्रों का यह मजबूत नेटवर्क डेटा वेयरहाउसिंग और आईटी सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए व्यवसायों और उनकी डिजिटल अवसंरचना आवश्यकताओं के बीच की खाई को समाप्त करेगा। दुनिया भर में विभिन्न डोमेन में काम करने वाले उद्योगों के लिए यह डाटा केन्द्र परिणाम और विकास के अवसर उपलब्ध कराएंगे। इस मौके पर वियुनाउ इन्फोटेक के प्रबंध निदेशक सुखविंदर सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी राज्य के सभी 75 जिलों में 750 डेटा केंद्र स्थापित करेगी। कंपनी ने अपना पहला पायलट डाटा सेंटर मोरटा गाजियाबाद में चालू कर दिया गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अब तक हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क और इकाइयां स्थापित करने के लिए 75,000 करोड़ रुपए निवेश मिला है। जिनमें से 20,000 करोड़ रुपये निवेश की परियोजनाएं इसी साल में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3.0 के दौरान शुरु की गयी थीं।

लॉकडाउन के बावजूद रेरा ने जारी रखा प्रयास

इस आदेश के अनुपालन के लिए परियोजना के आवंटियों एवं प्रोमोटर के बीच एक पारदर्शी व्यवस्था का निर्माण करना सबसे बड़ी चुनौती थी जो उ. प्र. रेरा एवं श्री आर.डी. पालीवाल, माननीय कन्सिलीएटर तथा अन्य सदस्यों के अथक प्रयासों निवेश प्रभाग से सम्भव हो सका एवं प्रोमोटर की तरफ से प्रारम्भिक धनराशि रुपये 45.00 करोड़ एक एस्क्रो अकाउंट में जमा करने के कारण विश्वास की नीव और भी मजबूत हुई. कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर एवं लॉकडाउन की चुनौतियों के बावजूद उ. प्र. रेरा ने निरन्तर प्रयास जारी रखे तथा प्रोमोटर ने निर्माण कार्य जारी रखा. अंततः प्रोमोटर ने टॉवर 7 व 8 के लिए दिसम्बर 2021 तथा टॉवर 11 व 12 के लिए मई 2022 में ओसी निवेश प्रभाग हेतु नोएडा विकास प्राधिकरण में आवेदन कर दिया था.

इस परियोजना के पूर्ण होने में आवंटियों के संघ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. परियोजना के पुनर्वास निवेश प्रभाग के लिए प्रोमोटर को सहमत व प्रोत्साहित करने से लेकर परियोजना स्थल पर दिन-प्रतिदिन होने वाले कार्यों की निगरानी तक, आवंटियों का संघ अत्यधिक सक्रिय रहा. इस प्रकार आवंटी संघ ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि कैसे आवंटियों के संघ को परियोजनाएं पूर्ण कराने के लिए प्रोमोटरों का समर्थन व सहयोग करना चाहिए और यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक आवंटी के हितों की रक्षा हो सके.

परियोजना के 8 टॉवर को 2017 में कराया गया था पंजीकृत

इस परियोजना के 8 टॉवर को प्रोमोटर ने वर्ष 2017 में उ. प्र. रेरा में पंजीकृत कराया था एवं पंजीकरण तिथि समाप्त होने तक केवल 4 टावरों का निर्माण हो सका था. उ. प्र. रेरा की तरफ से 29 जुलाई 2020 को जारी आदेश द्वारा शेष 4 टावरों, टॉवर 7, 8, 11 व 12 के 304 इकाइयों, के पुनर्वास हेतु प्रोमोटर को 50 प्रतिशत से अधिक आवंटियों के संघ, प्रोग्रेसीव वेलफेयर सोसाइटी, की सहमति से अधिकृत किया गया था.

उ. प्र. रेरा ने माननीय सदस्य की अध्यक्षता में एक “परियोजना अनुश्रवण और निगरानी समिति” का गठन किया है जो ऐसे परियोजनाओं का गहन निगरानी करता है. इस समिति में उ. प्र. रेरा के अधिकारियों के अलावा, सम्बन्धित विकास प्राधिकरण के सदस्य, प्रोमोटर और आवंटियों का संघ भी सदस्य होते है. इसके अतिरिक्त उ. प्र. रेरा द्वारा थर्ड पार्टी निर्माण सलाहकार फर्म को नियुक्त किया जो प्राधिकरण द्वारा पारित आदेश का अनुपालन कराना सुनिश्चित करता है तथा विचलन की निवेश प्रभाग स्थिति में निगरानी समिति को अपनी मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करता है जिसपर समिति द्वारा आवश्यक निर्णय लिया जाता है. उ. प्र. रेरा द्वारा आदेश पारित होने के बाद लगभग 2 वर्षों तक इस समिति द्वारा ग्रेटर नोएडा कार्यालय व परियोजना स्थल पर अनेकों बैठकें आहूत की गई जिससे परियोजना का निर्माण मानकों के अनुसार पूर्ण हो सके.

बहराइच : बंदर के हमले में तीन घायल, वन विभाग मौन

अमृत विचार, मटेरा, बहराइच। नानपारा रेंज के गांव में बंदरों ने आतंक मचा रखा है, लेकिन वन विभाग की टीम पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। बुधवार को बंदरों के हमले में तीन लोग घायल हो गए जिनका इलाज चल रहा है।

बहराइच वन प्रभाग के नानपारा रेंज के विभिन्न गांव में बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया है। गांव में छत पर सड़क पर चल रहे लोगों पर बंदर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। इसकी सूचना गांव के लोगों द्वारा रेंज कार्यालय पर दी जा रही है, लेकिन सूचना के बाद भी वन कर्मी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।

कुछ यही हाल निवेश प्रभाग बुधवार को भी दिखा। जमालुद्दीन जोत, खुदादभारी और भदवारा गांव में पहुंचे बंदरों ने राजेश, हेतराम समेत तीन लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। इसकी सूचना रेंज कार्यालय में दी गई।

इसके बाद भी वन कर्मी गांव नहीं पहुंचे। इसी तरह विलासपुर और लक्ष्मण पुर गांव में बंदर हमला कर रहे हैं। इस मामले में रेंजर राशिद जमील का कहना है कि वन कर्मियों की टीम गांव भेजी जाएगी। ग्रामीण भी सतर्क रहें।

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देश के पहले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (International Financial Services Centre) आईएफएससी का घर, गांधीनगर (Gandhinagar) में गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस-टेक (GIFT) सिटी को गिफ्ट ग्लोबल सिटी (GIFT Global City) के रूप में पहचाना जाने वाला है, क्योंकि यह आकर में तीन गुना बड़ा होने जा रहा है।

निजी सूत्रों ने पुष्टि की कि राज्य सरकार ने गिफ्ट सिटी (GIFT City) के लिए अपने अधिसूचित क्षेत्र को
मौजूदा 1,000 एकड़ से बढ़ाकर 3,300 एकड़ करने के लिए डेक (decks) निवेश प्रभाग को मंजूरी दे दी है। गिफ्ट सिटी
(GIFT City) क्षेत्र की सीमा का विस्तार करने के लिए गिफ्ट कंपनी लिमिटेड (GIFT Company Limited) द्वारा एक प्रस्ताव के जवाब में निर्णय लिया गया था। गिफ्ट शहरी विकास प्राधिकरण (GIFTUDA) को अगले 12 महीनों में क्षेत्र के लिए विकास योजना का मसौदा प्रस्तुत करना आवश्यक है।

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