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Rashifal 11 November 2022 : शुक्र आज करेंगे वृश्चिक राशि में प्रवेश, 4 राशियों पर कृपा, मान-सम्मान में वृद्धि, यह राशियां रहें सावधान

आज का राशिफल (Rashifal 11 November 2022) कई मायनों में महत्वपूर्ण है। ज्योतिष (Astrology) में शुक्र को महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। शुक्र ग्रह (venus transit) के अशुभ होने पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। वही शुक्र देव के अशुभ होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज 11 नवंबर को शुक्र राशि परिवर्तन कर रहे हैं। इस दौरान शुक्र देव वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं शुक्र के राशि परिवर्तन सहित अन्य राशियों पर कैसा रहेगा इसका प्रभाव। जानें 12 राशियों का भविष्यफल :-

मेष : राजनीति क्षेत्र में कार्यरत लोगों को आज अपने शत्रुओं से सावधान रहना होगा। परिवार में मांगलिक कार्यक्रम आयोजित हो सकते हैं। कारोबार कर रहे लोगों पर शत्रु हावी होंगे। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। धन लाभ की संभावना है। रिश्तेदारों के प्रति आभार व्यक्त करेंगे। संकट के समय रिश्तेदार आपकी मदद के लिए आगे आएंगे। चीजें आपकी इच्छा के अनुसार आज होने के आसार कम हैं।जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत हो सकता है।

वृषभ : वृषभ राशि के लिए सही कार्य और विचारों निराशा से राहत दिलाएगा। किसी की सलाह के बिना पैसा निवेश ना करें। दिलचस्प रवैया घर के माहौल को खुशनुमा करेगा। पेशेवर मुद्दों को हल करने के लिए अपने अनुभव का उपयोग करना आज आपके लिए लाभकारी साबित होगा। वाणी में मधुरता बनाए रखें। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। कार्य क्षेत्र में आ पूरे विश्वास के साथ काम करेंगे। किसी की गलती के लिए कार्य क्षेत्र में माफी मांगनी पड़ सकती है।

मिथुन : मिथुन राशि को भूमि और प्रॉपर्टी के कामों में धन लाभ होगा। यह सप्ताह आपके लिए बेहतर साबित होगा ।अधिकारियों से संबंध बेहतर हो सकते हैं। कारोबार के लिहाज से भी यह सप्ताह बेहतर है । किसी पुराने मित्र से मुलाकात होने की संभावना बनती नजर आ रही है। लंबी यात्रा से बचने की कोशिश करें। ज्यादा खर्च करने से बचें। दुख भावना व्यापार रणनीति धीरे-धीरे कम होने के आसार नजर आ रहे हैं। कार्यक्षेत्र में उन्नति के योग बन रहे हैं। आज का दिन प्रभाव और प्रताप लेकर आएगा। अच्छे कार्य से सामाजिक क्षेत्र में जन समर्थन मिलेगा।

कर्क : कर्क राशि वाली अपनी बुद्धि और विवेक से निर्णय लें कुछ गलतियों को अनदेखा ना करे। खर्च के मामले में हाथ दबा कर चलना आपके लाभदायक होगा। धन संबंधी समस्या से परेशान रह सकते हैं । चंद्रमा के मिथुन में होने से लोगों के अंदर निराशा के भाव हो सकते हैं। किसी अपने द्वारा धोखा मिलने के आसार नजर आ रहे हैं। चिंता से मुक्ति मिलेगी आर्थिक संकट में बदलाव होगा। यात्रा पर जाना पड़ सकता है। अधिकारियों से संबंध अच्छे रहेंगे। खरीद बिक्री में लाभ होने की संभावना है।

सिंह : सिंह राशि के लिए आज का दिन बेहतर साबित होगा। आर्थिक मामले में कुछ समस्याएं आ सकती है। व्यापार की खुशी योजनाओं में रुकने से परेशान होंगे। इधर-उधर के काम में ध्यान न लगाएं। चारों और आपकी प्रसन्नता का माहौल है। किसी मित्र की सेहत को लेकर परेशान हो सकते हैं। हालांकि यह परेशानी जल्द ही समाप्त हो जाएगी। धन सफलता और प्रसिद्धि के योग है। आज आपके लिए भाग्योदय का दिन हो सकता है। आपको अपने लिए क्वालिटी टाइम निकालना होगा। जीवन साथी के साथ संबंध बेहतर होंगे।

कन्या : कन्या राशि वाले को किसी की यात्रा पर जाने से पहले सामान की सुरक्षा करनी होगी। पद प्रतिष्ठा पढ़ने से मन में अहंकार की भावना जन्म ले सकती है। शुभ मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा। वाद विवाद में पड़ने से बचने होंगे वरना कानूनी अड़चन पैदा हो सकती है। ससुराल पक्ष से दिया हुआ धन आप के रिश्तो में दरार ला सकता है। सावधान रहें, रचनात्मक कार्य में लगे रहेंगे। विवाह बंधन में बनने का सही समय जल्द ही आ रहा है।

तुला : तुला राशि के लिए आज का दिन थोड़ा कमजोर है सकता है। अध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। मन प्रसन्न रहेगा। संतान धार्मिक कार्य में हिस्सा लेंगे। संतान के व्यवहार से परेशान हो सकते हैं, कोई पुराना कर्ज आपसे वापस मांग सकता है। किए गए वादे को पूरा करने के लिए लोग आपको उकसाने की कोशिश करेंगे, वाद विवाद से बचने की सलाह दी जा रही है। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शुभ है। प्रसिद्धि और मान्यता प्राप्त हो सकती है।

वृश्चिक : वृश्चिक राशि के प्रेम जीवन में आज कुछ खास होने की संभावना नजर आ रही है। स्वास्थ्य में चल रही समस्याओं को अनदेखा ना करें। व्यापार में साझेदारी पर सोच समझकर हस्ताक्षर करें, किसी सदस्य के भावनाओं में बहकर कोई फैसला लेना मुश्किल हो सकता है। घर के बाहर किसी अजनबी से आज आपको सावधानी बरतनी होगी। कानूनी मामले में मित्र की सलाह लेनी पड़ सकती है। संपत्ति के व्यवसाय आदि से लाभ होगा। साझेदार से फायदा होगा और रोजमर्रा के काम फायदा देने वाले होंगे, मान सम्मान में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ की संभावना बन रही है। कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

धनु : धनु राशि वाले के लिए आज का दिन कुछ खास रहेगा। कार्यक्षेत्र में टीम वर्क के जरिए काम करने का मौका मिलेगा। दिए गए कार्य को समय पर पूरा करेंगे। कैरियर में चल रही समस्या समाप्त होगी, विद्यार्थियों के लिए मानसिक और बौद्धिक रणनीति कामगार साबित होगी, एक्स्ट्रा एनर्जी से भरपूर रहेंगे, समय व्यतीत ना करें। पुराना लेनदेन आज आपको परेशान कर सकता है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। बच्चों ही घर में सुख शांति का कारण बनेंगे। सम्मानजनक तरीके से आज आपका दिन गुजरेगा।

मकर : मकर राशि वाले को लेन-देन में सावधानी बरतनी होगी, जोखिम भरे काम में हाथ ना डाले, बाद में समस्या हो सकती है। कार्यक्षेत्र में मेल मिला बने रहेगा। जूनियर से आसानी से काम निकलवा पाएंगे। प्रेमी जीवन जी रहे लोगों के लिए आज का दिन बेहतर साबित होगा। सकारात्मक और सहायक मित्रों की कंपनी का मनोरंजन करेंगे। पेशेवर संपर्क विकसित करने के लिए एक अच्छा समय है।

कुंभ : व्यवसाय में नवीनता ला सकते हैं। मित्रों के सहयोग से रुका हुआ धन वापस मिलेगा। खर्चों भावना व्यापार रणनीति पर नियंत्रण बनाकर रखेंगे, शिक्षा में आ रही मुश्किलों के लिए गुरुजनों से बात करें। समाज में आपको सुनिश्चित लोगों से बातचीत करेंगे। जन समर्थन मिलेगा, बुजुर्ग अपनी उर्जा का सकारात्मक उपयोग करेंगे। लेनदेन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरते। बच्चों की चिंता का समर्थन करना होगा। लव लाइफ के लिए आज का दिन उपयुक्त है। पेशेवर प्रगति के लिए सम्मानित किया जा सकता है।

मीन : मीन राशि वाले को अनावश्यक मानसिक तनाव मिल सकता है, चिंता के कुछ संघर्ष बनते नजर आ रहे हैं। धैर्य बनाकर चलना होगा। संतान आज किसी वस्तु की मांग कर सकती है। पारिवारिक मामले में घर से बाहर ना जाने दें। जिससे आप का मजाक बन सकता है। जनसंपर्क से आज आपको लाभ मिलेगा। किसी नए व्यवसाय की योजना बना रहे हैं तो आज वह पूरी हो सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अभी कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है। पिछले निवेश में आज आपको बेहतर लाभ मिलने की संभावना है।

T20 World Cup: सेमीफाइनल से पहले जोस बटलर ने रोहित शर्मा को लेकर कही बड़ी बात

नई दिल्ली: इंग्लैंड के सीमित ओवरों के कप्तान जोस बटलर ने इंडियन प्रीमियर लीग के अपने शुरुआती वर्षों के दौरान रोहित शर्मा के नेतृत्व में खेलने के अपने अनुभव को साझा किया. बटलर ने 2016 में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के साथ आईपीएल में डेब्यू किया था. हालांकि, कुछ सीजन बाद में वह राजस्थान रॉयल्स में शामिल हो गए और अभी भी उनकी टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. रोहित के नेतृत्व में आईपीएल 2016 और 2017 में खेलने वाले बटलर ने कहा कि वह उस समय थोड़े छोटे थे, लेकिन साथ ही इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान भारतीय कप्तान उस समय भी रणनीति में अच्छे थे.

रोहित शर्मा इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में सबसे सफल कप्तान हैं, क्योंकि उन्होंने मुंबई इंडियंस को पांच खिताब दिलाए. इस धमाकेदार सलामी बल्लेबाज ने पिछले साल विराट कोहली से टीम इंडिया की कप्तानी संभाली थी. उनके नेतृत्व में भारत ने इस साल शानदार क्रिकेट खेला और अब टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है, जहां उनका सामना इंग्लैंड से होगा.

जोस बटलर ने रोहित शर्मा के नेतृत्व की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्होंने भारतीय टीम में अधिक स्वतंत्रता के साथ खेलने का विश्वास जगाया है. बटलर ने संडे टाइम्स से कहा, ”वे एक शानदार टीम हैं और रोहित शर्मा एक शानदार कप्तान हैं, जिन्होंने मुझे लगता है कि उन्हें अधिक सकारात्मक और अधिक स्वतंत्रता के साथ खेलने के लिए कहा है. मैं अपनी आईपीएल यात्रा में थोड़ा छोटा था, लेकिन मुझे लगा कि वह बहुत अच्छे हैं, अच्छे निर्णय लेतें है लेकिन हमेशा स्पष्ट नहीं.”

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उन्होंने आगे रोहित की कप्तानी की तुलना उनकी बल्लेबाजी से की और कहा कि वह दोनों को सहज बनाते हैं. उन्होंने कहा, ”जब उसके चारों ओर सब कुछ एक लाख मील प्रति घंटे की गति से चल रहा होता है, तो भी उन्हें शांति का एहसास होता है. वैसे ही जब वह बल्लेबाजी करते हैं तो वह बहुत सहज दिखते हैं.”

इस बीच, बटलर ने नॉन-स्ट्राइकर के रन-आउट पर भी अपने विचार साझा किए, जिसका वह खुद आईपीएल 2019 के दौरान शिकार बने थे. उस वक्त रविचंद्रन अश्विन पंजाब किंग्स का हिस्सा थे और बटलर राजस्थान रॉयल्स का, लेकिन अब दोनों ही खिलाड़ी एक ही टीम का हिस्सा हैं. अश्विन ने हमेशा कहा है कि वह खेल भावना की बहस के बावजूद इस तरह के विकेट को अंजाम देना जारी रखेंगे.

बटलर ने अश्विन की जमकर तारीफ की और कहा कि नॉन-स्ट्राइकर रन-आउट के बारे में सभी का अपना दृष्टिकोण है. उन्होंने कहा कि भारतीय स्पिनर खेल के बारे में गहराई से सोचते हैं. बटलर ने कहा, ”विकेट के उस तरीके पर हम सभी के अलग-अलग विचार हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से कुछ ऐसा है जिसे वह निष्पक्ष खेल के रूप में देखते हैं. इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम इस तरह आउट न हों और यह बल्लेबाजों की जिम्मेदारी है. अगर हम क्रीज पर हैं तो ऐसा नहीं हो सकता. जाहिर है, वह एक शानदार खिलाड़ी, कुशल, वास्तव में जिज्ञासु, भयंकर प्रतियोगी और खेल के बारे में एक गहन विचारक हैं.”

चाणक्य नीति: पुरुषों से ज्यादा महिलाओं की होती हैं ये 4 काम करने की इच्छाएं, काम-वासना के बारे में भी है ये राय

चाणक्य नीति: कई शास्त्रों और ग्रंथों में महिला पुरुष संबंधों के बारे में बताया गया है लेकिन आचार्य चाणक्य के सिद्धांतों को पुरुष-स्त्री संबंधों के बारे में बेहतर तरीके से बताया गया है.

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चाणक्य नीति: कई शास्त्र और ग्रंथ स्त्री-पुरुष संबंधों से संबंधित हैं लेकिन आचार्य चाणक्य की शिक्षा पुरुष-महिला संबंधों से बेहतर है। चाणक्य के नीति शास्त्र में जीवन शैली के ज्ञान का विशाल खजाना समाहित है, जिसमें गोते लगाकर व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ बन सकता है। जो हर उम्र के लोगों के लिए सीखने लायक है। ऐसे में अगर चाणक्य के नीति शास्त्र के सिद्धांतों को बचपन से ही अपने जीवन में लागू कर लिया जाए तो बाकी जिंदगी बेहतर तरीके से गुजारी जा सकती है। ऐसे में चाणक्य की नीतियों को जीवन में अवश्य अपनाना चाहिए। चाणक्य ने स्त्री और पुरुष के संबंधों का स्पष्ट और स्पष्ट वर्णन किया है। चाणक्य ने यह भी उल्लेख किया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कौन सी इच्छा प्रबल होती है।

चाणक्य के बारे में जानें कि उनके नीतिशास्त्र के सिद्धांत सबसे अधिक प्रासंगिक हैं। चाहे आचार्य चाणक्य के नीतिशास्त्र के सिद्धांत हों, अर्थशास्त्र हो, समाजशास्त्र हो, कूटनीति हो या राजनीति विज्ञान हो, व्यक्ति स्वयं को सुधार सकता है, एक समाज समृद्ध हो सकता है, एक राष्ट्र का समुचित निर्माण हो सकता है या विश्व का अन्य देशों के साथ संबंध बेहतर हो सकते हैं। भावना व्यापार रणनीति ऐसे में चाणक्य के नीति शास्त्र के सिद्धांतों पर चलकर लोग अपने जीवन को सफल और खुशहाल बना सकते हैं।

आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में कुछ ऐसी बातों का जिक्र किया है जो कोई भी महिला किसी को बताना नहीं चाहती। चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में बताया है कि कैसे महिलाएं पुरुषों की तुलना में भावनाओं के सागर में गोता लगाती हैं। चाणक्य महिलाओं की भूख, शर्म, साहस और इच्छा का उल्लेख करते हैं।

महिलाओं के पास दो गुना ज्यादा खाना और चार गुना ज्यादा शर्म की बात है।
साहस को छह गुना और वासना को आठ गुना कहा गया है।

भूख और शर्म
आचार्य चाणक्य के अनुसार, महिलाओं में पुरुषों की तुलना में दोगुनी भूख, चार गुना अधिक शर्म, छह गुना अधिक साहस और आठ गुना अधिक वासना होती है। आचार्य चाणक्य ने इसे नारी की शक्ति बताया है। चाणक्य का कहना है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक भूख लगती है लेकिन उनमें सहनशीलता भी अधिक होती है। चाणक्य का कहना है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में 4 गुना ज्यादा शर्मीली होती हैं क्योंकि उन्हें समाज और परिवार की गरिमा की परवाह होती है। जो सबसे अच्छी गुणवत्ता है।

साहस और काम करने की इच्छा
चाणक्य आगे कहते हैं कि महिलाएं पुरुषों से 6 गुना ज्यादा साहसी होती हैं। इसलिए महिलाएं विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं टूटती हैं और हर परिस्थिति का डटकर सामना करती हैं। वहीं चाणक्य बताते हैं कि वासना के मामले में महिलाओं में पुरुषों की तुलना में 8 गुना ज्यादा काम करने की इच्छा होती है, लेकिन महिलाओं में शर्म और सहनशक्ति दोनों ही ज्यादा होती है। इसलिए वे उसे बेनकाब नहीं होने देते। वह धर्म और रीति-रिवाजों से चिपके हुए अपने परिवार का प्रबंधन करती है।

दर्शकों के सामने अपना एजेंडा परोसने वाले टीवी चैनलों की अब एक नहीं चलेगी

राष्ट्रीय हित और सार्वजनिक हित को लेकर केंद्र सरकार के द्वारा लिए गए इस एक फैसले का टेलीविजन के दर्शकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Modi, New Guidelines for TV

जब से स्मार्टफोन लोगों के हाथों में आया है तब से टेलीविजन की लोकप्रियता में कमी देखने को मिली है, लेकिन ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि टेलीविजन देखना लोगों ने बिल्कुल ही बंद कर दिया है। हमने देखा कि जब कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन लगा हुआ था उस समय दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली रामायण को देश में खूब देखा गया और उस संकट की घड़ी में टीवी पर दूरदर्शन के द्वारा की गई इस पहल कि लोगों ने खूब सरहाना भी की थी। लेकिन टीवी पर चैनल के कॉन्टेंट को लेकर कई तरह के गंभीर आरोप लगते रहते हैं। इसी बीच सरकार अब एक नयी गाइडलाइन (New Guidelines for TV) के साथ सामने आई है।

नयी गाइडलाइन्स

दरअसल, केंद्र सरकार ने नयी गाइडलाइन्स जारी की है। सरकार ने अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश 2022 को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन्स के अनुसार चैनलों को अब राष्ट्रीय हित और सार्वजनिक हित से संबधित कार्यक्रमों का दिन में कम से कम 30 मिनट का प्रसारण करना अनिवार्य होगा। सरकार ने इस फैसले के लेने के पीछे ये तर्क दिया है कि एयरवेव सार्वजनिक संपत्ति है जिसके चलते इसका समाज की बेहतरी में उपयोग करने की आवश्यकता है। इस तरह के कार्यक्रमों को तैयार करने के लिए चैनलों को समय दिया जाएगा।

अभी तक हम देखते आए हैं कि इस तरह के कार्यक्रम या तो हमे रेडियों पर सुनने को मिलते हैं या फिर अखबार के किसी पन्ने पर पढ़ने को मिल जाते हैं, या फिर दूरदर्शन पर देखने को मिल जाते हैं। लेकिन प्राइवेट चैनलों पर ये कार्यक्रम ना के बराबर देखने को मिलते हैं। सरकार की इस गाइडलाइन से ये होगा कि राष्ट्रीय हित और सार्वजनिक हित से संबधित कार्यक्रम अब प्राइवेट चैनलों पर भी प्रसारित होंगे और टेलीविजन के माध्यम से देश के कोने-कोने के लोग राष्ट्रीय हित और सार्वजनिक हितों (New Guidelines for TV) से जुड़ी बातों से अवगत होगें।

एडवाइजरी जारी की जाएगी

वहीं इस पूरे मामले पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि प्रसारणकर्ताओं और अन्य लोगों के साथ बातचीत के बाद इस बारे में एडवाइजरी जारी की जाएगी। जिसमें 30 मिनट के प्रसारण के लिए टाइम स्लॉट, कॉन्टेंट को कब से दिखाया जाना है, इससे जुड़ी जानकारियां शामिल होगीं। साथ ही मंत्रालय की ओर से ये भी कहा गया है कि इसके लागू होने के बाद मंत्रालय लगातार चैनलों में संबंधित कॉन्टेंट पर नजर रखेगा और अगर कोई राष्ट्रहित या जनहित के कार्यक्रम को नहीं दिखाता है तो उससे इसे लेकर सफाई मांगी जाएगी।

आपको बता दें कि सरकार की तरफ से चैनलों को किन थीम से जुड़े कार्यक्रम दिखाने होगें वो थीम भी उपलब्ध कराई गईं है। जिसमें 8 थीम दी गई हैं। सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता ,शिक्षा और साक्षरता ,कृषि और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिला कल्याण और कमजोर वर्गों का कल्याण आदि थीम शामिल हैं।

लोगों तक पहुंच पाएंगी जानकारियां

सरकार के इस फैसले के बाद भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल के टेलीविजन चैनलों को सिंगापुर के बजाय भारत से अपलिंक करने की अनुमति मिल सकती है। इससे यह भी होगा कि भारत के दक्षिण प्रदेशों में उत्तर भारत समेत भारत के अन्य जगहों की जानकारियां पहुंच पाएंगी। होता यह है कि प्राइवेट चैनल दर्शकों के सामने 24 घंटे अपना एजेंडा ही परोसते रहते हैं। ये चैनल आज अपने व्यापार के उत्थान के लिए किसी भी तरीके का कटेंट अपने दर्शकों को परोसने को तैयार हैं चाहे वो समाज में गलत संदेश ही क्यों न पहुंचा रहे हों।

लेकिन अब सरकार के इस कदम से (New Guidelines for TV) टेलीविजन पर प्रसारित किए जा रहे एंजेडा से बेहतर होगा कि राष्ट्रहित से जुड़ी सामग्रियों को परोसा जाए। दर्शकों में राष्ट्रहित की भावना जागृत तो होगी ही, लोग अपनी संस्कृति के बारे में ज्यादा से ज्यादा जान सकेंगे। इसके साथ ही देश की सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग समाज की बेहतरी में होगा सो अलग।

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कांग्रेस में नए लोगों को ज्यादा हिस्सेदारी देने की तैयारी, सोनिया गांधी फिर बोलीं- लौटाना होगा पार्टी का कर्ज

भविष्य की रणनीति का खाका तैयार करने के लिए नव संकल्प चिंतन शिविर से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बार पार्टी नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने साफ कहा है कि पार्टी का कर्ज उतारने का समय आ गया है। ऐसे में हम सबको निस्वार्थ भाव और अनुशासन के साथ काम करना होगा, क्योंकि पार्टी को नए सिरे से मजबूत करने के लिए कोई जादू की छड़ी नहीं है।

सोनिया ने उदयपुर में होने वाले चिंतन शिविर में पेश की जाने वाली विभिन्न विषयों पर कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह शिविर सिर्फ रस्म अदायगी भर नहीं होना चाहिए। इसमें पार्टी का पुनगर्ठन नजर आना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि चिंतन शिविर के बाद पुर्नगठित संगठन की शुरुआत करनी चाहिए।

आत्म आलोचना की जरूरत

सोनिया गांधी ने कहा कि हम सबको अनुशासन, सामूहिक उद्देश्य की भावना और दृढ संकल्प के साथ काम करना होगा। पार्टी ने हमेशा हम सबका का भला किया है। अब समय आ गया है कि पार्टी का कर्ज उतारा जाए। हमें पार्टी मंच पर आत्म आलोचना की जरूरत है। पर यह आलोचना आत्मविश्वास और हौसले तोड़ने के लिए नहीं होनी चाहिए।

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संगठन में नए लोगों को ज्यादा हिस्सेदारी देने की तैयारी

भविष्य की चुनौतियों और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस रणनीति में बदलाव की तैयारी कर रही है। पार्टी संगठन में नए लोगों को ज्यादा हिस्सेदारी देने और विधानसभा-लोकसभा चुनाव में ओबीसी, एससी/एसटी, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को ज्यादा टिकट देने पर विचार कर रही है। उदयपुर में होने वाले नवसंकल्प चिंतन शिविर में पार्टी इन सभी विषयों पर चर्चा कर अंतिम रूप देगी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में संगठन को मजबूत बनाने पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन के बारे में कार्ययोजना का खाका तैयार करने वाली समिति ने पदाधिकारियों के लिए कूलिंग पीरियड का सुझाव रखा है। मसलन, कोई व्यक्ति पांच साल संगठन में पद पर रहता है तो फिर तीन साल तक बिना किसी पद के कार्यकर्ता के तौर पर काम करना चाहिए। इससे ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को काम करने का मौका मिलेगा।

ओबीसी को 50% हिस्सेदारी का सुझाव

पार्टी के एक नेता ने कहा कि सामाजिक शक्तिकरण की कार्ययोजना तैयार करने वाली समिति ने विधानसभा और लोकसभा के टिकट बंटवारे में ओबीसी को पचास फीसदी हिस्सेदारी देने का सुझाव दिया है। इसके साथ युवा और रोजगार की कार्ययोजना में युवाओं को पार्टी के साथ जोड़ने, देश की अर्थव्यवस्था पर भी बैठक में चर्चा हुई।

डिजिटल सदस्यता का प्रावधान:सुरजेवाला

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि डिजिटल सदस्यता को लेकर पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया है। क्योंकि, संविधान में डिजिटल सदस्यता का प्रावधान नहीं था। इसके साथ लद्दाख में अलग प्रदेश संगठन बनाने का भी फैसला किया गया है। अभी यह जम्मू-कश्मीर कांग्रेस का हिस्सा था। चिंतन शिविर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें कुल 422 नेता हिस्सा लेंगे। शिविर में हिस्सा लेने वाले पचास फीसदी सदस्यों की उम्र 40 साल से कम है।

संगठन पर ज्यादा जोर: रमेश

पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा कि चिंतन शिविर कांग्रेस के लिए लंबे सफर की शुरुआत है। इसका पहला मकसद 2022 व 2023 में होने वाले विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव हैं। अभी तक हुए तीन चिंतन शिविर के बाद पार्टी संगठन बदलाव के दौर से गुजरी है। इस बार भी बदलाव होंगे। चिंतन शिविर में सबसे ज्यादा जोर संगठन पर रहेगा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हमें जमीनी स्तर पर खुद को मजबूत करने पर ज्यादा फोकस करना चाहिए।

चुनाव के लिए अलग विभाग का सुझाव

सीडब्ल्यूसी में यह सुझाव भी आया कि चुनाव के लिए पार्टी के अंदर अलग से विभाग होना चाहिए। वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक दिल्ली की बजाय अलग-अलग शहरों में होना चाहिए, ताकि ज्यादा से भावना व्यापार रणनीति ज्यादा लोगों से जुड़ सकें। बैठक में नेताओं की एक राय यह भी थी कि हमें लोगों के विषयों को ज्यादा जोरदार तरीके से उठाना चाहिए। अभी उनके मुद्दे उतने जोरदार ढंग से नहीं उठाए जा रहे हैं।

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