भारत में क्रिप्टो करेंसी खरीदें

NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें?

NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें?
It’s not surprising the Larsen & Toubro management observed it doesn’t expect any revival of capital expenditure in the private sector this year.

option Greeks in hindi आप्शन ग्रीक्स इन हिंदी पीडीऍफ़

option Greeks in hindi शेयर मार्किट में आप्शन ट्रेडिंग में सफलता पाने के लिए option Greeks को समजना बहुत ही जरुरी है. आप्शन ग्रीक्स Delta (डेल्टा) Gamma (गामा) Vega (वेगा) Theta (थीटा) आप्शन के प्रीमियम पर असर डालते है. आप्शन ग्रीक्स को समजने से आपको आप्शन ट्रेडिंग की रणनीति बनाने में सहायता मिलती है.

आप्शन का प्रीमियम कितना बढेगा, आप्शन प्रीमियम में कितनी गिरावट आएगी इन के ऊपर option Greeks असर डालते है. आप्शन प्रीमियम के ऊपर टाइम वेल्यु,आप्शन ग्रीक्स और दूसरी कई चीजे असर करती है. लेकिन आप्शन प्रीमियम पर सबसे ज्यादा असर आप्शन ग्रीक्स का होता है.

option Greeks in hindi आर्टिकल में अब हम आप्शन ग्रीक्स क्या है और आप्शन पर ये सारे ग्रीक्स कैसे असर करते है और आप्शन ट्रेडिंग करते वक्त हम आप्शन ग्रीक्स का उपयोग कैसे कर सकते है इसके बारे में आपको में सम्पूर्ण जानकारी देने वाला हु.

आप्शन ग्रीक्स क्या है- What is option Greeks in hindi

Table of Contents

आप्शन के प्रीमियम पर सीधी या इन डायरेक्ट असर करने वाले ग्रीक्स को आप्शन ग्रीक्स कहते है. आप्शन ग्रीक्स में Delta, Gamma, Vega, Theta बहुत ही महत्त्व पूर्ण ग्रीक्स है.

आप्शन की अलग अलग स्ट्राइकस के प्रीमियम पर ये अलग अलग असर करते है. आप्शन ग्रीक्स की वेल्यु मार्किट की दिशा के हिसाब से बढती या गिरती है.

कोई शेयर,अंडर लेयिंग एसेट (निफ्टी, बैंक निफ्टी) के आप्शन के मूल्य में कितना बदलाव आयेगा ये आप्शन ग्रीक्स तय करते है. आप्शन ग्रीक्स आप्शन के प्रीमियम पर ही असर नहीं करते ये आप्शन ग्रीक्स एक दुसरे पर भी असर करते है.

option Greeks in hindi आप्शन ग्रीक Delta –डेल्टा

आप्शन में डेल्टा का कार्य कोई शेयर या Under lying Asset (nifty, bank nifty) के आप्शन के प्रीमियम में हो रहे बदलाव का दर (रेट) कितना है मतलब की कोई शेयर निफ्टी या बैंक निफ्टी में आप्शन का प्रीमियम बढ़ या गिर रहा है उनका दर कितना है ये बताने का कार्य डेल्टा करता है. डेल्टा की ये दर आपने खरीदी हुई अंडर लेयिंग एसेट का मूल्य किस दिशा में जा रहा है उस पर निर्भर है.

आप्शन की अलग अलग स्ट्राइक पर डेल्टा का मूल्य अलग अलग होता है. किसी भी आप्शन की एट ध मनी स्ट्राइक, आउट ऑफ़ ध मनी स्ट्राइक और आउट आउट ऑफ़ ध मनी स्ट्राइक पर डेल्टा का मूल्य अलग अलग होता है.

Example: आप्शन डेल्टा का मूल्य एट ध मनी स्ट्राइक पर ०.५० के आसपास होता है मतलब की शेयर निफ्टी या बैंक निफ्टी १ पॉइंट ऊपर की तरफ चले तो आपका कॉल आप्शन ०.५० पैसा बढेगा और पुट आप्शन ०.५० पैसे गिरेगा. आप्शन के सारे ग्रीक्स में डेल्टा का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलता है इस लिए डेल्टा को समजना बहुत ही जरुरी है.

लेकिन ये कैलकुलेशन पर दुसरे ग्रीक्स असर करते है. टाइम वेल्यु भी इस कैलकुलेशन पर असर करता है जो आपको दुसरे ग्रीक्स की जानकारी पढ़कर मालुम हो जाएगा.

option Greeks in hindi आप्शन ग्रीक Gamma -गामा

गामा NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें? डेल्टा में हो रहे बदलाव को दर्शाने का कार्य करता है. आप्शन डेल्टा में हर सेकंड और मिनिट बदलाव होता रहता है डेल्टा में हो रहा बदलाव को दिखाने का कार्य गामा करता है.

डेल्टा में कितना बदलाव होगा ये गामा तय करता है. कोई भी under laying asset (शेयर, निफ्टी, बैंक निफ्टी) की दिशा किस तरफ है और दिशा के हिसाब से डेल्टा का मूल्य बढ़ता या गिरता रहता है डेल्टा का मूल्य कितना बढेगा और गिरेगा ये गामा तय करता है.

Example: मान लो के आपने एट ध मनी स्ट्राइक का कोई कॉल या पुट आप्शन ख़रीदा है जिनका डेल्टा ०.५० है तो डेल्टा कब ०.७५ होगा या निचे ०.३० हो जाएगा ये गामा के ऊपर निर्भर करता है. मतलब डेल्टा कितना बढेगा और गिरेगा ये गामा तय करता है.

option Greeks in hindi आप्शन ग्रीक Vega-वेगा

वेगा का कार्य बाजार में कितनी वोलेटिलिटी है उनके आधार पर आप्शन प्रीमियम में आ रहे बदलाव को दर्शाने के कार्य वेगा ग्रीक करता है.जब मार्किट में वोलेटिलिटी ज्यादा होती है तो आप्शन के प्रीमियम में भी तेज गिरावट या तेजी देखने को मिलती है. वेगा आप्शन के प्रीमियम में हो रही तेजी और गिरावट को दर्शाता है.

option Greeks in hindi आप्शन ग्रीक Theta: NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें? थीटा

थीटा का कार्य आपने जो एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट तय किया है उसको पूरा होने में कितना समय अभी बाकि है मतलब की टाइम वेल्यु अभी कितनी बची है उसके आधार पर प्रीमियम में हो रहे बदलाव को दर्शाने का काम थीटा करता है. सिंपल शब्दों में कहे तो ये टाइम वेल्यु के कारण प्रीमियम में कितना बदलाव हो रहा है ये दर्शाता है.

जब आप कोई आप्शन खरीदते है तो समय अवधि के कारण आप्शन प्रीमियम में बदलाव होता है जैसे की अगर आपने कोई कॉल या पुट ख़रीदा है और आज ही उनकी एक्सपायरी है तो उनमे ज्यादा तेजी और गिरावट देखने को NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें? मिलती है. ये बदलाव को थीटा दर्शाता है.

option Greeks के बारे में जानने वाली बाते:

  • आप्शन ग्रीक डेल्टा 0-1 के बिच में घूमता रहता है ये डेल्टा कॉल आप्शन में डेल्टा का मूल्य पॉजिटिव और पुट आप्शन में डेल्टा का मूल्य नेगेटिव 0- -1 होता है.
  • आप्शन स्ट्राइक का डेल्टा जितना ज्यादा होगा उस आप्शन स्ट्राइक की कीमत में ज्यादा बढ़ोतरी या गिरावट देखने को मिलती है
  • कॉल आप्शन का डेल्टा हमेशा पॉजिटिव होता है. कॉल आप्शन का भाव ज्यादा तब बढ़ता है जब कॉल आप्शन का डेल्टा ज्यादा से ज्यादा हो
  • पुट आप्शन का डेल्टा हमेशा नेगेटिव होता है. पुट आप्शन का भाव ज्यादा तब बढ़ता है जब पुट आप्शन का डेल्टा ज्यादा से ज्यादा नेगेटिव हो.
  • आप्शन ग्रीक्स में ब्लैक एंड स्कोल्स आप्शन प्राइसिंग फार्मूला का उपयोग किया जाता है.
  • ज्यादा डेल्टा वाले आप्शन स्ट्राइक का वेल्यु दूसरी स्ट्राइक के मुकाबले ज्यादा बढती है
  • कम डेल्टा वाले आप्शन स्ट्राइक की वेल्यु ज्यादा तेजी से नहीं बढती
  • कॉल आप्शन बायर (खरीदने वाले) के लिए थीटा नकारात्मक परिणाम देता है मतलब की दुश्मन है क्यूंकि समय वेल्यु के कारण आप्शन के प्रीमियम गिरते जाते है.
  • आप्शन राइटिंग करने वाले ट्रेडर के लिए आप्शन ग्रीक थीटा मित्र है क्यूंकि जैसे जैसे समय कम होता है उनको प्रीमियम ज्यादा मिलता है.

greek option trading strategies pdf

  1. अगर आप चाहते है की कोई भी शेयर, निफ्टी, बैंक निफ्टी कम चले फिर भी आपको ज्यादा मुनाफा हो तो आपको लिए इन ध मनी या एट ध मनी आप्शन खरीदना बहेतर रहेगा
  2. ज्यादा दूर के आप्शन का डेल्टा कम होता है इस लिए उसके प्रीमियम में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होती है इस लिए आपको ऐसे आप्शन स्ट्राइक से दूर रहना चाहिए
  3. जब आपको लगे की आपने जो आप्शन स्ट्राइक चुनी है उनका टारगेट १-२ दिन में आ सकता है ऐसी स्थिति में दूर के आप्शन आउट ऑफ़ ध मनी आप्शन सबसे ज्यादा फायदा देता है
  4. जब आपने तय किया लक्ष्य एक्सपायरी तक आ सकता है ऐसे समय में आपको इन ध मनी आप्शन और एट ध मनी आप्शन सबसे ज्यादा मुनाफा दे सकते है
  5. जब आपको लगे की मार्किट neutral रहेगा तब आपको आप्शन खरीदना नहीं चाहिए लेकिन राइटिंग करनी चाहिए
  6. एक्सपायरी के दिन आप्शन प्रीमियम में बहुत ज्यादा बदलाव होते है इस लिए एक्सपायरी के दिन पोजीशन को हेज करे बिना ट्रेड ना करे.

निष्कर्ष:

option Greeks in hindi आर्टिकल में अब आपको समज आ गया होगा की option Greeks क्या है? आप्शन ग्रीक डेल्टा, गामा, थीटा, वेगा क्या होते है और कैसे कार्य करते है. आप्शन ग्रीक स्ट्रेटेजी कैसे उपयोग की जाती है इनके बारे में भी मैंने आपको समजाया. आशा करता हु की option Greeks in hindi में आपको delta options, gamma options, options vega, और थीटा आप्शन के बारे में जानकारी मिल चुकी होगी.

Closing Bell : शुरुआती बढ़त के बाद बिगड़ा बाजार का मूड, सेंसेक्स-निफ्टी 52 हफ्ते के निचले स्तर पर बंद

शुरुआती बढ़त के बाद आज बाजार का मूड बिगड़ गया। सेंसेक्स- निफ्टी 52 हफ्ते के निचले स्तर पर बंद हुआ है। सेंसेक्स, निफ्टी में लगातार 5वें दिन बिकवाली देखने को मिली है

बाजार में गिरावट बढ़ती दिख रही है। निफ्टी 15,500 के नीचे फिसल गया है। निफ्टी 18 जून 2021 के बाद पहली बार 15500 के नीचे गया है

03:39PM

शुरुआती बढ़त के बाद आज बाजार का मूड बिगड़ गया। सेंसेक्स- निफ्टी 52 हफ्ते के निचले स्तर पर बंद हुआ है। सेंसेक्स, निफ्टी में लगातार 5वें दिन बिकवाली देखने को मिली है। आज BSE के सभी सेक्टर इंडेक्स में गिरावट दिखी है। मेटल और फार्मा इंडेक्स साल के निचले स्तर पर बंद हुए हैं। मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। IT,एनर्जी और ऑटो इडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा गिरे हैं। सेंसेक्स 1046 अंक गिरकर 51496 पर बंद हुआ है। निफ्टी 332 अंक गिरकर 15361 पर बंद हुआ है। निफ्टी बैंक 722 अंक गिरकर 32617 के स्तर पर बंद हुआ है। मिडकैप 629 अंक गिरकर 26180 पर बंद हुआ है।

03:30PM

संबंधित खबरें

Stocks to BUY: इस शराब कंपनी के शेयरों में 50% तक की कमाई का मौका, ब्रोकरेज फर्मों ने दी BUY की सलाह

Multibagger: 1 लाख रुपये को इस शेयर ने बना दिया ₹6 करोड़, 23 सालों में दिया 60,000% से भी अधिक का रिटर्न

Stock Market Next Week : बाजार में लगातार चार हफ्तों की तेजी पर लगा ब्रेक, जानिए 21 नवंबर को कैसे रहेगा मार्केट का हाल

बाजार में भारी गिरावट

बाजार में भारी गिरावट NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें? देखने को मिल रही है। निफ्टी के 9 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं। सेंसेक्स और निफ्टी मई 2021 के निचले स्तर पर दिख रहे हैं। बैंक निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई से 20 फीसदी नीचे है। मिडकैप इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई से 20 फीसदी नीचे है। मेटल, ऑटो, रियल्टी शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है।

03:20 PM

ICICI BANK ​: रिटेल टर्म डिपॉजिट रेट में 0.25 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। FD दरों में 0.10 फीसदी से 0.25 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है।

03:17 PM

GST पर GoM की कल अहम बैठक, दरें-स्लैब और जीरो रेटेड आइटम्स की लिस्ट पर होगी चर्चा

GST पर बनी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की कल अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में दरों, स्लैब और जीरो रेटेड आइटम्स की लिस्ट पर चर्चा होगी। हालांकि मौजूदा आर्थिक हालात और महंगाई को देखते हुए दरों में बढ़ोत्तरी या किसी बड़े फेरबदल पर फैसला टल सकता है। क्या कुछ होगा इस बैठक में? इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि शुक्रवार को GoM की बैठक में GST दरों की समीक्षा होगी। इसमें एग्जेंप्टेड आइटम्स और मौजूदा स्लैब की भी समीक्षा होगी। कई आइटम्स मौजूदा एग्जेंप्टेड लिस्ट मे बाहर निकल सकते हैं। ये बैठक कर्नाटक के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी। क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन पर भी GST लग सकता है। क्रिप्टो लेनदेन पर 28 फीसदी GST के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। मौजूदा 4 दरों वाले स्लैब में कमी या फेरबदल का भी प्रस्ताव रखा जा सकता है। महंगाई के मद्देनजर दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम है। सिफारिशों पर अंतिम फैसला GST काउंसिल लेगा।

03:15 PM

कल के लिए ट्रिगर

कल के कारोबार में बैंक ऑफ इंग्लैंड की पॉलिसी एक्शन का असर दिखेगा। ब्याज दरों पर बैंक ऑफ जापान की बैठक भी होगी। उधर वाशिंगटन में जेरॉम पॉवेल का भाषण होगा। जेरॉम पॉवेल कल US डॉलर से जुड़े समारोह में बोलेंगे। कल ही भारत के फॉरेक्स रिजर्व, डिपॉजिट ग्रोथ के आकंड़े आएंगे। भारत के बैंक लोन ग्रोथ के आकंड़े भी आएंगे।

यूरो जोन के CPI आकंड़े भी कल आएंगे। उधर नेशनल हेराल्ड केस में राहुल की ED के सामने पेशी होगी। GST काउंसिल के द्वारा गठित GoM की बैठक कल होगी। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर यूरोपीय यूनियन की बैठक भी कल ही है। उधर पीएम कल हिमाचल में मुख्य सचिवों के कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे।

03:10 PM

2022 में निफ्टी 50 की मार्केट कैप में 15.50 लाख करोड़ की गिरावट आई

पिछले कुछ महीनों में बाज़ार में भारी बिकवाली देखने को मिली है। ऊपरी स्तरों से Nifty में 17 फीसदी तक की गिरावट आई है। जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 20-30 फीसदी तक टूटे हैं। निफ्टी 50 से 25 शेयर साल के निचले स्तर पर दिख रहे हैं। 2022 में निफ्टी 50 की मार्केट कैप में 15.50 लाख करोड़ की गिरावट आई है। ऊपरी स्तरों से निफ्टी 50 की मार्केट कैप करीब 25 लाख करोड़ साफ हो गई है। 2022 में अबतक FIIs की 2.52 लाख करोड़ की बिकवाली देखने को मिली है।

03:00 PM

JPMorgan ने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर पर जारी अपने एक नोट में कहा है कि हमें 5G के लिए बिडिंग वॉर जैसी स्थिति की उम्मीद नहीं नजर आ रही है क्योंकि 3300 मेगाहर्ट्ज के 330 मेगाहर्ट्ज का मिड बैंड स्पेक्ट्रम हर सर्कल में उपलब्ध है और एक ऑपरेटर को ऑल इंडिया रोल आउट के लिए केवल 100 मेगाहर्ट्ज की आवश्यकता होगी। हमारा अनुमान है कि यदि टेलीकॉम कंपनियां 20 वर्षों के लिए समान वार्षिक भुगतान विकल्प का चयन करती हैं तो उनका वार्षिक नकदी देनदारी 28.4 अरब रुपए की होगी।

सरकार के इस ऐलान में कोई आश्चर्य की बात नहीं है। हम भारती और जियो के इस नीलामी में भाग लेने की उम्मीद करते हैं। संभावित मांग आपूर्ति असंतुलन और वार्षिक नीलामी को देखते हुए दूरसंचार कंपनियां इस बार मात्रा पर चूजी हो सकती हैं। 5G रोलआउट के नजरिए से Bharti Airtel ही JPMorgan की टॉप पिक है। इस स्टॉक में उसकी 870 रुपए के लक्ष्य के लिए खरीदारी की सलाह है। JPMorgan ने Bharti Airtel को ओवरवेट रेटिंग दी है।

India Vix क्या है और इसका उपयोग ट्रेडिंग में कैसे किया जाता है? | in hindi

INDIA VIX (इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स )सभी विकल्प व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण डेटा बिंदुओं में से एक है। बाजार में मौजूदा अस्थिरता के बारे में एक विचार प्राप्त करने के लिए कई विकल्प व्यापारी भारत VIX का उपयोग करते हैं। आज के ब्लॉग में, हम INDIA VIX के बारे में विस्तार से समझने जा रहे हैं और Trader INDIA VIX का विश्लेषण करके क्या व्याख्या कर सकते हैं।

INDIA VIX क्या है?

INDIA VIX एक अस्थिरता माप सूचकांक है जो निफ्टी के विकल्प कीमतों पर आधारित होता है। यह मूल रूप से आउट-ऑफ-द-मनी प्रेजेंट और नियर-महीने ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के सर्वश्रेष्ठ बिड-आस्क कोट का उपयोग करके मापा जाता है।

INdIA VIX का विचार शिकागो बोर्ड ऑफ एक्सचेंज से लिया गया है, जो दुनिया का पहला एक्सचेंज है जिसने 1993 में अस्थिरता सूचकांक के विचार का आविष्कार किया था।

INDIA VIX हमें अगले 30 दिनों के लिए बाजार की अस्थिरता के बारे में व्यापारियों के दृष्टिकोण के बारे में बताता है। उदाहरण के लिए, INdIA VIX के मान को 20.00 के रूप में मानें, ताकि हम अगले 30 दिनों के लिए +20% से -20% के वार्षिक परिवर्तन की उम्मीद कर सकें।

यदि आप अगले महीने निफ्टी की अपेक्षित मासिक अस्थिरता की गणना करना चाहते हैं और INDIA VIX की कीमत 20 मानते हैं, तो आपको 20 को 12 के वर्गमूल से विभाजित करना होगा। तो इसकी गणना करने पर, हमें इसका उत्तर मिलता है 5.78. इसलिए हम एक महीने के लिए निफ्टी के +5.78% से -5.78% के बीच कारोबार करने की उम्मीद कर सकते हैं।

इसलिए इस डेटा का उपयोग करके, विकल्प व्यापारी, विशेष रूप से विकल्प विक्रेता, अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक महीने के लिए निफ्टी के अपेक्षित मूल्य से नीचे और ऊपर के विकल्पों को छोटा करना।

ध्यान रखें कि हम उस गणितीय सूत्र के बारे में विस्तार से नहीं जा रहे हैं जिसका उपयोग INDIA VIX की गणना के लिए किया जाता है क्योंकि इसकी आवश्यकता नहीं होती है।

india vix

INDIA VIX का उपयोग ट्रेडिंग में कैसे किया जाता है?

जैसा कि हमने पहले चर्चा की, INDIA VIX सभी विकल्प व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण डेटा बिंदुओं में से एक है क्योंकि यह बाजार में अस्थिरता और भय के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता है।

आम तौर पर, जब भारत VIX अधिक होता है, तो डर अधिक होता है, और विकल्प की कीमतें अधिक होती हैं। जब VIX कम होता है, तो अपेक्षित अस्थिरता कम होती है, और विकल्प की कीमतें कम होती हैं। चुनाव परिणाम, बजट दिवस, या युद्ध जैसे विशेष आयोजनों के दौरान, VIX तेजी से बढ़ता है, जो उच्च अपेक्षित अस्थिरता का संकेत देता है।

जब विशेष घटनाएं होती हैं, तो विकल्प की कीमतें अपने आप बढ़ जाती हैं क्योंकि बाजार में उच्च अस्थिरता की संभावना होती है, और इसके परिणामस्वरूप, INDIA भी बढ़ जाता है। इसका एक व्यावहारिक उदाहरण 2022 का बजट दिवस होगा जब VIX बजट की घोषणा के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, और परिणामस्वरूप, सभी विकल्प की कीमतें भी दुर्घटनाग्रस्त हो गईं, और इसके परिणामस्वरूप विकल्प खरीदारों को नुकसान हुआ।

यदि आप ध्यान से देखें कि बाजार में तेजी से वृद्धि हुई है, तो INDIA VIX में बहुत अधिक वृद्धि नहीं होगी। दूसरी ओर, जब बाजार में अचानक गिरावट आती है, तो INDIA VIX तेजी से बढ़ेगा क्योंकि बाजार में डर हमेशा नकारात्मक पक्ष का होता है, न कि ऊपर का, और इसलिए अचानक गिरावट आने पर VIX तेजी से बढ़ता है। 2020 के कोरोना पतन के दौरान, INDIA VIX 86 तक पहुंच गया, और वह भी बहुत कम समय में बाजार में अचानक दहशत के कारण।

OPEN YOUR DEMAT AC NOW CLICK

तो उपरोक्त आंकड़ों से, हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि जब उच्च अस्थिरता होती है, तो INDIA VIX बढ़ता है, और उच्च अस्थिरता के कारण विकल्प की कीमतें भी अधिक NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें? होती हैं। दूसरी ओर, जब INDIA VIX का मूल्य सामान्य से कम होता है, तो बाजार कम अस्थिरता की अपेक्षा करता है, और इसके परिणामस्वरूप, विकल्प की कीमतें भी कम होती हैं।

INDIA VIX पर विचार करके, व्यापारियों को बाजार की अपेक्षित अस्थिरता का अंदाजा हो सकता है और उसी के अनुसार, वे अपने ट्रेडों को डिजाइन कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि INDIA VIX को गोली मार दी जाती है और आपको लगता है कि यह नीचे आ जाएगा, तो आप शॉर्ट स्ट्रैंगल या शॉर्ट स्ट्रैडल जैसी छोटी विकल्प रणनीतियों का उपयोग कर सकते हैं।

दूसरी ओर, अगर आपको लगता है कि बाजार में दोनों तरफ एक बड़ा कदम हो सकता है और साथ ही अगर हाल के दिनों के मूल्य की तुलना में INDIA VIX कम है, तो आप लॉन्ग IV पोजीशन जैसे लॉन्ग स्ट्रैंगल, लॉन्ग स्ट्रैडल, ले सकते हैं। आदि। इस तरह, सामान्य बाजार स्थितियों को समझकर और INDIA VIX का विश्लेषण करके, आप अपने ट्रेडों को डिज़ाइन कर सकते हैं।

मुझे उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से, आप INDIA VIX की अवधारणा को समझ गए होंगे और बाजार की स्थितियों का विश्लेषण करने और INDIA VIX को ध्यान में रखकर व्यापार कैसे शुरू किया जा सकता है। अगर आपको यह लेख पसंद आया NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें? है, तो इसे अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करना न भूलें।

ओपन इंटरेस्ट एनालिसिस से मार्केट ट्रेंड की पहचान करने में कैसे मदद मिलती है?

सरल भाषा में, open interest एनालिसिस से एक व्यापारी को बाजार के परिदृश्य को समझने में मदद मिलती है, यह केवल कई फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स को दिखाते हैं जो बाजार घंटों के दौरान हाथ बदले गए हैं। इसका उपयोग ज्यादातर फ्यूचर और ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट ट्रेडर्स द्वारा किया जाता है। आउटस्टैंडिंग कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर ओपन इंटरेस्ट या ओआई डेटा दिन-ब-दिन बदलता रहता है।

आइए पूरी तस्वीर को समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं।

बाजार में पांच प्रतिभागी हैं A, B, C, D, और E।

1 जुलाई को A, B से 10 कॉन्ट्रैक्ट्स खरीदता है,B => ओआई 10
2 जुलाई को C, D से 20 कॉन्ट्रैक्ट्स खरीदता है, D=> ओआई 30
3 जुलाई A अपने 10 कॉन्ट्रैक्ट्स को, D को बेचता है, D => ओआई 20
4 जुलाई को E, C से 20 कॉन्ट्रैक्ट्स खरीदता है, C => ओआई 20

इससे, हम समझ सकते हैं कि कॉन्ट्रैक्ट्स के हाथ में परिवर्तन के आधार पर ओआई कैसे बदलता है।

  • जब एफ एंड ओ बाजार में एक नए प्रवेशी के साथ एक नया प्रवेश ट्रेड करता है तो ओपन इंटरेस्ट ऊपर की ओर जाता है
  • जब एक मौजूदा स्थिति धारक एक नए प्रवेशी के प्रवेश के साथ अपना पोजीशन स्क्वायर ऑफ करता है, तो ओपन इंटरेस्ट अपरिवर्तित रहती है
  • जब दो मौजूदा पोजिशन होल्डर अपनी पोजीशन को स्क्वायर ऑफ करते हैं तो हम देखते हैं कि ओपन इंटरेस्ट नीचे जाता है|

बुनियादी ओपन इंटरेस्ट एनालिसिस पर एक नज़र:

ओपन इंटरेस्ट

ट्रेंड की पहचान के लिए ओपन इंटरेस्ट डेटा का विश्लेषण कैसे करें?

एक ट्रेंड को कीमत के ऊपर और नीचे की दिशा से परिभाषित किया जा सकता है लेकिन उस ट्रेंड की स्थिरता संदिग्ध है। कुछ महत्वपूर्ण कारक हैं जो एक निश्चित दिशा लेने के लिए कीमत का समर्थन करते हैं। ओआई उन कारकों में से एक है और एक स्थायी ट्रेंड के साथ-साथ ट्रेंड रिवर्सल होने का एक कारण है।

जब कीमत ऊपर या नीचे जा रही है और फ्यूचर ओपन इंटरेस्ट एक निश्चित स्तर पर कीमत के साथ बढ़ता है तो हम उम्मीद कर सकते हैं कि मूल्य गतिविधि कायम रहने वाला है। दूसरी ओर जब बाजार में एक ट्रेंड मौजूद होती है और फ्यूचर ओपन इंटरेस्ट में अचानक गिरावट दिखाई देती है तो हमें इस ट्रेंड पर संदेह करना चाहिए। यह ट्रेंड रिवर्सल का मौका हो सकता है।

ओपन इंटरेस्ट बढ़ने का मतलब है कि फ्रेश पैसा बाजार में आ रहा है और ओपन इंटरेस्ट में कमी का मतलब है कि बाजार से पैसा निकल रहा है। खरीदार बाजार में ताजा नकदी निवेश करके बाजार को आगे बढ़ाते हैं जबकि विक्रेता इसके विपरीत होता है। जब ताजा कॉन्ट्रैक्ट्स आदान-प्रदान करते हैं तो ओआई बढ़ जाता है।

एक ट्रेंड इस बात पर निर्भर करती है कि नए मूल्य गतिविधि के साथ कितने नए कॉन्ट्रैक्ट आदान-प्रदान कर रहे हैं। यदि ताजा नकदी बाजार में नहीं आता है और ताजा कॉन्ट्रैक्ट का आदान-प्रदान नहीं होता है, तो हमें प्रवृत्ति के बारे में संदेह होना चाहिए। आप ईएलएम एप्प की मदद से ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीतियों के बारे में अधिक जान सकते हैं।

शेयरों में ओपन इंटरेस्ट कैसे पाएं?

ऐसे कई स्रोत हैं जहां हम किसी शेयर के ओपन इंटरेस्ट का पता लगा सकते हैं। सबसे विश्वसनीय स्रोत एनएसई ओपन इंटरेस्ट है, यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की साइट है। यहां आपको अंतिम दिन की ओपन इंटरेस्ट का पता चलेगा जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। हालांकि, दिन के अंत (ईओडी) में डेटा अपडेट किया जाता है।

भविष्य के कॉन्ट्रैक्ट्स में निवेश या ट्रेडिंग के लिए हम इस डेटा की मदद ले सकते हैं। एक और तरीका है जहां हम ओपन इंटरेस्ट पा सकते हैं और यह विशेष रूप सेऑप्शन ट्रेडर्स के लिए है।

ऑप्शन चैन से अर्थ कैसे निकालें?

किसी भी स्टॉक का ऑप्शन चैन हमें इस बात की बहुत समझ देता है कि बाजारों में बुल और बेयर को कैसे रखा जाता है। आम तौर पर बुल पुट ऑप्शन बेचकर भाग लेते हैं और बेयर कॉल बेचकर भाग लेते हैं।

हमें एक महत्वपूर्ण बिंदु को समझना चाहिए कि ऑप्शंस में निहित समय क्षय के कारण, बाजार में आम तौर पर बड़ी संख्या में ऑप्शन विक्रेता होते हैं। किसी भी विशेष स्ट्राइक मूल्य पर बड़ी मात्रा में ऑप्शन ओपन इंटरेस्ट का महत्व है।

यदि बाजार में एक महत्वपूर्ण गैप-अप या गैप-डाउन ओपनिंग है, जो ओपन इंटरेस्ट बिल्ड-अप के विपरीत है, तो ओपन इंटरेस्ट के खुलने से मार्केट में शॉर्ट कवरिंग की तात्कालिकता के कारण गैप-अप / गैप-डाउन दिशा में अधिक जोर पड़ता है। जितना ज्यादा शार्प गैप-अप / गैप-डाउन होता है, आम तौर पर उस विशेष दिशा में ऑप्शंस कवरिंग का फॉलो अप अधिक प्रभावी होता है।

आइए हम यस बैंक के उदाहरण को देखें। स्टॉक पहले ही अप-ट्रेंड में था। हालाँकि, 370, 380 और 400 की स्ट्राइक प्राइस में उचित मात्रा में कॉल राइटिंग थी।

जैसे ही यस बैंक ने गैप खोला, उसमें 370 और 380 कॉल पर शार्ट कवरिंग में अच्छी मात्रा थी। इसके साथ ही 360, 370 और 380 स्ट्राइक कीमतों में मजबूत पुट एडिशन्स थे। इस कारण दिन के शुरुआती चरण में स्टॉक और भी अधिक बढ़ गया।

option chain derivatives

स्टॉकएज का उपयोग करके ओपन इंटरेस्ट डेटा कैसे पढ़ें?

आप स्टॉकएज एप्लिकेशन में ओपन इंटरेस्ट एनालिसिस कर सकते हैं। स्टॉकएडज आपको दिन के अंत में (ईओडी) ओपन इंटरेस्ट के आंकड़े भी प्रदान करता है।

स्टॉकएज एप्लिकेशन में ओपन इंटरेस्ट खोजना वास्तव में आसान है। होम टैब से बस ‘स्टॉक’ बटन पर टैप करें। सर्च बार में स्टॉक का नाम टाइप करें (याद रखें कि स्टॉक को फ्यूचर और ऑप्शन सेगमेंट में सूचीबद्ध किया जाना है) और इसकी ओआई जाँच करें।

स्टॉकएज एप्प में और भी कई आकर्षक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। शेयरों में निवेश करने के लिए शेयर बाजार के बारे में जानने से ले कर, यह एप्प बाजार से संबंधित प्रत्येक जरूरतों को दिखाता है।

मूल्य बातें:

Open Interest डेटा एनालिसिस को टेक्निकल एनालिसिस के साथ-साथ सहायक उपकरण के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए। दिन के अंत में और दिन के दौरान उन दोनों को देखना महत्वपूर्ण NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें? है। ऐसे शेयरों के लिए जो एफएंडओ सेगमेंट में हैं, फ्यूचर और ऑप्शंस में उच्च ओपन इंटरेस्ट के निर्माण बाजार की दिशा के अच्छे संकेत हैं।

हालांकि यह एक सरल उपकरण नहीं है और किसी भी समाप्ति के विभिन्न चरणों में ओपन इंटरेस्ट बिल्ड-अप की भूमिका का न्याय करने के लिए अनुभव की NIFTY Bank विकल्प रणनीतियों का उपयोग करके ट्रेड कैसे करें? आवश्यकता होती है। इसलिए इस कला में महारत हासिल करने के लिए, हम ट्रेडर्स और निवेशकों को नियमितता और अनुशासन के साथ शेयरों के ओपन इंटरेस्ट का अध्ययन करने का सुझाव देते हैं।

Subscribe To Updates On Telegram Subscribe To Updates On Telegram Subscribe To Updates On Telegram

Three Black Crows Candlestick Pattern – Formation, Trading, Limitations & Use

फ्यूचर मार्केट में ओपन इंटरेस्ट की भूमिका क्या है?

Elearnmarkets

Elearnmarkets (ELM) is a complete financial market portal where the market experts have taken the onus to spread financial education. ELM constantly experiments with new education methodologies and technologies to make financial education effective, affordable and accessible to all. You can connect with us on Twitter @elearnmarkets.

बाजार की उठा-पठक के बीच चाहिए रिस्क फ्री रिटर्न, आर्बिट्रॉज फंड में निवेश का सही है समय

कोरोना संकट में अगर सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड की खास स्कीम आर्बिट्रॉज फंड बेहतर विकल्प हो सकता है.

बाजार की उठा-पठक के बीच चाहिए रिस्क फ्री रिटर्न, आर्बिट्रॉज फंड में निवेश का सही है समय

It’s not surprising the Larsen & Toubro management observed it doesn’t expect any revival of capital expenditure in the private sector this year.

शेयर बाजार में फरवरी के आखिरी से लेकर भारी उतार चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है. इन 3 महीनों की वोलैटिलिटी में निवेशकों को बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ा है. 20 फरवरी को सेंसेक्स ने रिकॉर्ड 42273.87 का स्तर टच किया, लेकिन 24 मार्च को 52 हफ्तों के लो 25639 के स्तर पर आ गया. हालांकि बाजार में इधर रिकवरी आई है और सेंसेक्स 33800 के करीब बंद हुआ है. मार्केट एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने तक बाजार को संभलने में अभी 3 से 4 महीने तक लग सकते हैं. ऐसे में अगर सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड की खास स्कीम आर्बिट्रॉज फंड बेहतर विकल्प हो सकता है. ये बाजार के उठापठक से आपके निवेश का सुरक्षा दे सकते हैं.

क्या होता है आर्बिट्रॉज?

ये कैश मार्केट और डेरिवेटिव मार्केट में शेयरों के भाव में अंतर का फायदा उठाने के लिए अपने फंड का इस्तेमाल करता है. म्यूचुअल फंडों की ये स्कीमें कैश सेग्मेंट में शेयरों को खरीदती हैं और साथ-साथ उसी कंपनी के डेरिवेटिव सेग्मेंट में फ्यूचर बेचती हैं. यह तभी किया जाता है जब फ्यूचर उचित प्रीमियम पर कारोबार करते हैं. यह वजह है कि शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव के दौर में इस फंड का प्रदर्शन बेहतर रहता है. फंड मैनेजर इक्विटी में निवेश करने के बाद डेरिवेटिव मार्केट में उस सौदे को हेज करता है. इससे कैश मार्केट में खरीदे गए शेयर पर जोखिम काफी हद तक घट जाता है.

ऐसे समझ सकते हैं

इसे ऐसे समझ सकते हैं कि मान लिजिए अगर एक ही वस्तु की कीमत अलग-अलग बाजारों में अलग-अलग होती है. तो आप उस वस्तु को बाजार में खरीदकर जोखिम मुक्त मुनाफा वहां से कमा सकते हैं, जहां कीमत अधिक होती है. यह महत्वपूर्ण है कि लेनदेन को यानी खरीदने और बेचने दोनों को एक साथ निष्पादित किया जाता है ताकि मुनाफे को लॉक किया जा सके और प्राइस रिस्क न होने पाए. आर्बिट्रेजर्स का मुख्य उद्देश होता है कि बिना जोखिम के 100 फीसदी खरीद-बिक्री की जा सके या उसे हेज किया जा सके.

Stock Market Strategy: सिर्फ 4 हफ्ते में 14% तक रिटर्न, ये 4 शेयर कर सकते हैं कमाल, क्‍या आप लगाएंगे पैसे

DCX Systems IPO: लिस्टिंग पर शेयर दे सकता है 35% रिटर्न, आज अलॉट होगा शेयर, चेक कर लें आपको मिला या नहीं

आर्बिट्रॉज को समझने के अलग-अलग उदाहरण

एक्सचेंज आर्बिट्रॉज: दो स्टॉक एक्सचेंजों में एक ही सिक्योरिटी की कीमतें अलग अलग होती हैं. उदाहरण के लिए किसी कंपनी का शेयर एनएसई पर 100 रुपए में ट्रेड कर रहा है, तो वही बीएसई पर यह 101 रुपए में ट्रेड कर रहा है. यानी आप अपने मुनाफे को बीएसई पर लॉक कर 1 रुपए का मुनाफा कमा सकते हैं.

कैश एंड कैरी आर्बिट्रॉज: किसी कंपनी का शेयर कैश मार्केट में 1785 रुपए का है, वही शेयर फ्यूचर एंड ऑप्शन मार्केट में 1794 रुपए का होता है. तो आप कैश मार्केट से उस शेयर को खरीद कर फ्यूचर मार्केट में उसे बेच सकते हैं और 9 रुपए का मुनाफा कमा सकते हैं. कैश एंड कैरी आर्बिट्रेज को मुख्य रुप से म्युचुअल फंड की रणनीति में काम लाया जाता है.

एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट का ध्यान

कैश मार्केट से खरीद कर एफएंडओ मार्केट में बेच कर मुनाफा कमाया जा सकता है. हालांकि इसमें एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट का ध्यान रखना होता है. (हर महीने की आखिरी गुरुवार को ) कैश प्राइस और फ्यूचर प्राइस एक दूसरे से मिलते हैं.

स्टॉक आर्बिट्रॉज का इंडेक्स और बॉस्केट

यह बिल्कुल कैश एंड कैरी की तरह होता है, बस इसमें अंतर यह रहता है कि यहां स्टॉक की बजाय इंडेक्स पर निर्धारण होता है. उदाहरण के लिए, निफ्टी एफएंडओ बाजार में 9,300 रुपये पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी (इंडेक्स के समान अनुपात में) के बॉस्केट में शेयरों का मूल्य कैश मार्केट में 9275 रुपये है. आप निफ्टी को एक साथ बेचकर और कैश मार्केट में शेयरों की बास्केट खरीदकर, प्रति निफ्टी फ्यूचर कांट्रैक्ट पर 25 रुपये का लाभ लॉक-इन कर सकते हैं. यह आमतौर पर आर्बिट्राज फंड द्वारा भी उपयोग किया जाता है.

इस साल भी पॉजिटिव रिटर्न

कोविड-19 महामारी के चलते पिछले कुछ महीनों से घरेलू शेयर बाजार काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. देशभर में जारी लॉकडाउन के चलते इस साल अबतक निफ्टी 50 में 24 फीसदी गिरावट देखी गई है. जिसमें सिर्फ मार्च में 23 फीसदी की गिरावट रही है. हालांकि अप्रैल में 14 फीसदी का उछाल भी देखा गया है. (स्रोत: ब्लूमबर्ग, 15 मई 2020).

बाजार के हालात को देखते हुए करीब करीब सभी म्युचुअल फंड कैटेगरी लाल निशान में है. लेकिन आर्बिट्रॉज फंड में पॉजिटिव रिटर्न मिला है. जब बाजार में उठापटक हो रही हो तो ऐसे में आर्बिट्रॉज फंड एक ऐसा हथियार है जो निवेशकों को कमाने का मौका देता है वो भी बिना जोखिम के. खासकर जो इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं और बाजार की उठापटक के बगैर बिना जोखिम के लाभ कमाना चाहते हैं.

किस फेज में कैसा रिटर्न

फेज आर्बिट्रॉज फंड निफ्टी 50

सब प्राइम क्राइसिस (जनवरी 2008-मार्च 2009) 8% -43.42%

बाउंस बैक (अप्रैल 2009-दिसंबर 2010) 5.17% 48.77%

यूरोपीयन क्राइसिस (जनवरी 2011-जून 2013) 8.66% -1.94%
पोस्ट यूरोपीयन क्राइसिस (जुलाई 2013-फरवरी 2015) 8.68% 28.07%
चाइना स्लोडाउन (मार्च 2015-फरवरी 2016) 6.85% -21.51%
मिक्स्ड सिनेरियो (जनवरी 2018 से दिसंबर 2019) 6.07% 8.59%
Covid-19 क्राइसिस (जनवरी 2020-मई 2020) 2.01% -24.51%

(स्रोत: क्रिसिल रिसर्च)

लेखक: वैभव शाह, हेड (प्रोडक्ट, मार्केटिंग व कम्युमिकेशन), मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया प्रा. लिमिटेड

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

रेटिंग: 4.56
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 698
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *