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मिड कैप फंड्स क्या हैं?

मिड कैप फंड्स क्या हैं?
देखें टॉप-10 म्यूचुअल फंड्स की लिस्ट में कौन-कौन हैं शामिल:

इक्विटी फंड्स के प्रकार Types of Equity Funds in Hindi

मल्टी-कैप म्यूचुअल फंड्स संबंधी नियमों में परिवर्तन

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय मिड कैप फंड्स क्या हैं? बोर्ड (Securities and Exchange Board of India-SEBI) ने एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लेते हुए म्यूचुअल फंड्स की मल्टी-कैप स्कीमों (Multi-Cap Schemes) में निवेश की एक सीमा निर्धारित कर दी है।

  • परिवर्तित नियम
    • भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा निर्धारित नए नियमों के अनुसार, मल्टी-कैप म्यूचुअल फंड्स स्कीमों को अपनी कुल संपत्ति का तकरीबन 75 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी (Equities) और उससे संबंधित अन्य वित्तीय उपकरणों में ही निवेश करना होगा।
    • मौजूदा नियमों के अनुसार, मल्टी-कैप म्यूचुअल फंड्स स्कीमों को अपनी कुल संपत्ति का तकरीबन 65 मिड कैप फंड्स क्या हैं? प्रतिशत हिस्सा इक्विटी (Equities) और इक्विटी से संबंधित अन्य वित्तीय उपकरणों में ही निवेश करना होता है।
    • इसके अलावा SEBI ने यह भी निर्धारित किया है कि इक्विटी और इक्विटी संबंधित अन्य वित्तीय उपकरणों में 75 प्रतिशत का न्यूनतम निवेश किस तरह से किया जाएगा। SEBI के अनुसार,
      • लार्ज कैप कंपनियों में न्यूनतम निवेश: 25 प्रतिशत
      • मिड कैप कंपनियों में न्यूनतम निवेश: 25 प्रतिशत
      • स्मॉल कैप कंपनियों में न्यूनतम निवेश: 25 प्रतिशत

      Types of Equity Funds in Hindi

      हमने आपको अलग अलग तरह के म्यूच्युअल फंड्स के प्रकार बताये थे. अलग अलग म्यूचुअल फंड में इक्विटी फण्ड सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं. Types of Equity Funds in Hindi में आज हम विस्तार से Equity Funds के बारे में चर्चा करेंगे. यह फण्ड इसीलिए इतने लोकप्रिय हैं क्योंकि यह फण्ड Share Bazar में निवेश करते हैं और उसी प्रकार रिटर्न भी दे सकते हैं. अधिकतर Equity Funds कंपनियों के मार्किट कैपिटलाइजेशन के अनुसार निवेश करते हैं और उसी प्रकार उनका वर्गीकरण किया जाता है. इEquity Funds मुख्य रूप से लार्ज कैप, मिड कैप और स्माल कैप में बंटे होते हैं. इसके आलावा डाइवर्सिफाईड फण्ड और ELSS और सेक्टर फण्ड होते भी हैं. यहाँ इन सब के बारे में विस्तार से बात करते हैं. साथ ही पढ़ें ELSS में निवेश से पहले जानने योग्य बातें हमारी साइट पर।

      • लार्ज कैप इक्विटी फंड Large Cap Equity Fund
      • मिड कैप इक्विटी फंड Mid Cap Equity Fund
      • स्माल कैप इक्विटी फंड Small Cap Equity Fund
      • डाइवर्सिफाईड इक्विटी फण्ड Diversified Equity Fund
      • ELSS यानि इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम
      • सेक्टर फण्ड Sector Fund

      Types of Equity Funds in Hindi in Detail

      यहां आपको विस्तार से हिंदी में इन सब इक्विटी फड़ों के बारे में बता रहे हैं

      लार्ज कैप फंड्स ज्यादातर बड़ी कंपनियों में निवेश करते हैं. फंड इन कंपनियों को उनके बाजार पूंजीकरण मिड कैप फंड्स क्या हैं? के आकार के अनुसार निवेश करते हैं. इन कंपनियों को निवेश के लिए सुरक्षित माना जाता है क्योंकि वे अपने उद्योग क्षेत्र में अच्छी तरह से स्थापित कम्पनियां होतीं हैं और मिड कैप फंड्स क्या हैं? एक तरह से टॉप की कंपनियों की ही लार्ज कैप में होने की संभावना होती है। यही वजह है कि लार्ज कैप फंड्स को ऐसे इक्विटी निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जाता है जो अधिक रिस्क लेना पसंद नहीं करते. ये फंड अपेक्षाकृत कम जोखिम लेते हुए साधारण रिटर्न देने की संभावना रखते हैं.

      मिड कैप इक्विटी फंड Mid Cap Equity Fund

      मिडकैप फंड ज्यादातर मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करते हैं. इन कंपनियों में निवेश से कुछ रिस्क भी हो सकता हैं क्योंकि हो सकता है कि वे अपनी पूर्ण क्षमता के अनुसार विकास कर पायें या नहीं. हालाँकि यदि यह कम्पनियां यदि विकसित हो कर बड़ी कम्पनियां बन जातीं हैं तो निवेशकों के लिए बेहद लाभप्रद हो सकतीं हैं. अधिक जोखिम बर्दाश्त कर सकने वाले निवेशक ही इनमें निवेश करें.

      स्मॉल कैप फंड छोटी कंपनियों में निवेश करते हैं. इन कंपनियों के शयेरों में निवेश बहुत जोखिम भरा हो सकती हैं, क्योंकि उनके बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध होगी। हालांकि ये कम्पनियाँ असाधारण रिटर्न भी दे सकतीं हैं। ये फण्ड केवल उच्च जोखिम उठा सकने वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं.

      डाइवर्सिफाईड इक्विटी फण्ड Diversified Equity Fund

      फंड मैनेजर के मार्केट व्यू के आधार पर डाइवर्सिफाईड इक्विटी फण्ड अलग अलग आकार की बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में निवेश करते हैं। मिड कैप फंड्स क्या हैं? चूंकि पोर्टफोलियो विभिन्न बाजार पूंजीकरणों में फैला होता है, इसलिए वे मिड कैप और स्माल कैप फंडों की तुलना में कम जोखिम वाले होते हैं, लेकिन लार्ज कैप फंडों की तुलना में इनमें थोड़ा जोखिम अधिक हो सकता है। ये फण्ड सामान्य जोखिम बर्दाश्त कर सकने वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं.

      इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम या टैक्स प्लानिंग म्युचुअल फंड निवेशकों के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत करों को बचाने के लिए उपयुक्त हैं। इन फंडों में निवेश 1.5 लाख रुपये तक की कर कटौती के लिए योग्य हैं। वे तीन साल के अनिवार्य लॉक-इन अवधि के साथ आते हैं। इसका मतलब है कि निवश करने के बाद तीन वर्ष तक इन फंड्स को भुना नहीं सकते.

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