शुरुआती लोगों के लिए अवसर

ग्वार गम वायदा

ग्वार गम वायदा

वायदा सौदों में भाव घटने से ग्वार सीड व ग्वार गम नरम

वायदा सौदों में नरमी से सोमवार को जयपुर मंडी में ग्वार सीड में गिरावट का रुख रहा। मांग निकलने से खाद्य तेलों में सुधार देखने को मिला। सरसों भी मामूली सुधर गई। सामान्य कारोबार से चना, दाल-दलहन, गेहूं व किराना वस्तुओं के भावों में बदलाव नहीं हुआ।

अनाज-दालें : सामान्य मांग से चने के भावों में बदलाव नहीं हुआ। दाल-दलहन पड़ा रहा। अनाज के भावो में बदलाव देखने को नहीं मिला।

तेल-तिलहन : तेल मिलों की लिवाली से सरसों मिल डिलीवरी में पांच रुपए क्विंटल का मामूली सुधार दर्ज किया। लेकिन मांग निकलने से सरसों एक्सपेलर तेल 40, बॉम्बे पाम तेल 10 और सोया रिफाइंड तेल 30 रुपए क्विंटल सुधर गया।

ग्वार-गम : वायदा सौदों में भाव घटने तथा कमजोर उठाव से हाजिर कारोबार में ग्वार सीड में 25 तथा ग्वार गम में 100 रुपए क्विंटल की गिरावट देखने को मिली।

अनाज : गेहूं मिल डिलीवरी नया 1810-1815, गेहूं दड़ा 1700-1725, मक्का लाल 1300-1500, बाजरा 1125-1150, ज्वार सफेद 2200-2250, ज्वार पीली 1650-1700, जौ लूज 1350-1400 रु. प्रति क्विंटल।

गुड़-चीनी : चीनी 2670-2780 (जीएसटी व मंडी टैक्स अलग), गुड़ 2600-2800 रु. क्विंटल टैक्स पेड।

दाल-दलहन : मूंग मिल डिलीवरी 5000-5100, मोठ 3300-3400, चौला 3800-3900, उड़द 3500-3600, चना जयपुर लाइन 3650-3850, मूंग मोगर 6000-6300, मूंग छिलका 5800-6200, चोला मोगर देसी 4400-4950, उड़द मोगर 4400-5000, अरहर दाल 4900-5400, चना दाल मीडियम 4250-4300, चना दाल बोल्ड 4500-4750 रुपए प्रति क्विंटल।

तेल-तिलहन : सरसों 42 प्रतिशत कंडीशन सरसों मिल डिलीवरी 4015-4020, बॉम्बे सोया रिफाइंड तेल 7530, जयपुर सरसों एक्सपेलर 7700, बॉम्बे पाम 7240, मूंगफली लूज गुजरात 8100 रुपए प्रति क्विंटल।

किराना : हल्दी पिसाई 8700-8900, निजामाबाद 8800-9400, सांगली 9200-9800, इरोड 8650-9200, लालमिर्च गुंटूर 4800-7000, लालमिर्च मीडियम 4800-6100, लालमिर्च फटकी 3000-4000, लालमिर्च तेजा 8000-9100, लालमिर्च एमपी 6150-7000, धनिया ईगल ब्रांड 5100-6000, धनिया स्कूटर 5500-7000, धनिया दाल कटिंग 5100-6000, रामगंज कटिंग 4200-6000, जीरा अनकट 17400-19500, जीरा कटिंग 20800-25200 रुपए प्रति क्विंटल।

सूखा मेवा : गोला टिपटूर 155-175, बादाम गिरी 570-600, बादाम मामरा 1400-2500, काजू टुकड़ी 680-780, काजू साबुत 750-900, पिस्ता कच्चा 1250-1500, किशमिश 130-250, अखरोट 400-550, अखरोट गिरी 700-1000 रुपए प्रति किलो।

ग्वार व ग्वारगम : ग्वार जयपुर लाइन 3825, ग्वार बीकानेर लाइन 3875, ग्वारगम जोधपुर 8300 रुपए प्रति क्विंटल।

Guar Gum: महीने भर में ग्वारगम का भाव 20% तेज, एक्सपर्ट बता रहे हैं क्यों उछल रहे हैं भाव

ग्वार के भाव में तेजी पर विश्लेषकों का कहना है कि देश के कई इलाकों में इस बार मानसून की बारिश में अंतर की वजह से ग्वार की उपज में कमी आने की आशंका जताई जा रही है. ग्वार उपजाने वाले किसानों का कहना है कि जो खेत नहर के किनारे हैं वहां ग्वार की फसल पकने को तैयार है.

GuarGum

हाजिर मांग बढ़ने के कारण सटोरियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे वायदा कारोबार में बुधवार को ग्वारगम की कीमत 32 रुपये की तेजी के साथ 9,538 रुपये प्रति पांच क्विंटल हो गई थी, गुरुवार को ग्वार गम के सितंबर वायदा का भाव 2.03% की तेजी या 198.00 रुपए की मजबूती के साथ 9,955.00 रुपए पर पहुंच गया.

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के सितंबर माह में डिलीवरी वाले कांट्रैक्ट की कीमत 32 रुपये अथवा 0.34 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,538 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसमें 1,965 लॉट के लिए कारोबार हुआ था.

ग्वार के भाव में तेजी पर विश्लेषकों का कहना है कि देश के कई इलाकों में इस बार मानसून की बारिश में अंतर की वजह से ग्वार की उपज में कमी आने की आशंका जताई जा रही है. ग्वार उपजाने वाले किसानों का कहना है कि जो खेत नहर के किनारे हैं वहां ग्वार की फसल पकने को तैयार है. 10-15 दिनों में इसकी कटाई शुरू हो सकती है. राजस्थान के किसानों का कहना है कि पर्याप्त सिंचाई वाले इलाके में ग्वार सीड का उत्पादन पिछले साल जैसा ही रह सकता है.

ग्वार के बीज के छिलके को उतार कर, उसे पीस कर और छान कर ग्वार गम बनाया जाता है. ग्वार गम (गेल्काटॉमेनन) एक ग्वार गम वायदा उच्च आणविक भार वाला कार्बोहाइड्रेट बहुलक है जो कि मैनोस और गैलेक्टोज इकाई की बड़ी संख्या के एक साथ जुड़ने से ग्वार गम वायदा बनता है. कच्चा ग्वार गम हल्के सफेद रंग का पाउडर होता है जो 90% पानी में घुल जाता है.

ग्वार गम बनाने के लिए कई तरीके का प्रयोग किया जाता है परंतु इसकी जटिल प्रकृति के कारण थर्मो यांत्रिक प्रक्रिया को सामान्यतः खाद्य ग्रेड और औद्योगिक ग्रेड ग्वार गम उत्पादित करने के लिए प्रयोग किया जाता है. ग्वार में लगभग 42% क्रूड प्रोटीन होता है. ग्वार के आटे में जो प्रोटीन होता है वह ऑयल केक के बराबर होता है. ग्वार के बीज की खपत प्रणाली बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम उद्योग में होती है. भारत विश्व में ग्वार का 90 फीसदी उत्पादन करता है जिसमें से 72 फीसदी राजस्थान से आता है.

ग्वारगम के भावों में आई 40-45 फीसदी तक की कमी

जोधपुर.ग्वारसीड और ग्वारगम इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की नजर मंगलवार को होने वाली जिंस बाजार नियामक वायदा कारोबार आयोग (एफएमसी) की बैठक पर टिकी है। आयोग की 40 सदस्यीय परामर्श समिति में तय होना है कि प्रतिबंधित ग्वारसीड व ग्वारगम को वायदा कारोबार में फिर से सूचीबद्ध किया जाए या नहीं।

व्यापारी व उद्योगपति इसके विरोध में हैं, जबकि सटोरिए इसे फिर से सूचीबद्ध करवाने के पक्ष में हैं। व्यापारियों व उद्यमियों का तर्क है कि वायदा कारोबार की सूची से हटाने के सात माह बाद ग्वारगम के भावों में 40-45 फीसदी तक की कमी आई है। इसका सीधा फायदा गम इंडस्ट्रीज को है। सटोरियों के नहीं होने से नई फसल बाजार में आने पर किसानों को भी उपज के दाम मांग व आपूर्ति के हिसाब से मिल सकेंगे।

ग्वारगम के भाव डिमांड एवं सप्लाई के मूल व्यापारिक सिद्धांत पर आने से किसान, व्यापारी व उद्यमी खुश हैं। मंडोर मंडी के दलाल तरुण समदड़िया बताते हैं कि किसानों को उनकी फसल का मूल्य मांग के अनुसार मिलेगा। सटोरियों का हस्तक्षेप नहीं रहने से मंडी में आवक अच्छी रहेगी।

राजस्थान ग्वार दाल मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के सचिव अशोक तातेड़ के अनुसार दाल मिल व गम पाउडर फैक्ट्रियों को भी इसकी उपलब्धता बनी रहेगी। जोधपुर खाद्य पदार्थ व्यापार संघ बासनी मंडी के अध्यक्ष प्रकाश मेहता का कहना है कि ग्वार के दाम मांग व पूर्ति के आधार पर तय होने का फायदा किसानों, व्यापारियों व उद्यमियों को होगा।

आशंका है कि वायदा कारोबार में शामिल करने पर फसल आने पर सटोरिए ग्वारसीड के भावों को न्यूनतम स्तर पर रखेंगे और फसल किसान के हाथ से निकलते ही भावों को बढ़ा देंगे। इस कारण यह ग्वार मिलों व गम फैक्ट्रियों की पहुंच से भी बाहर हो जाएगा।

किसानों के फसल बेचने के बाद ग्वार गम वायदा गत फरवरी में ग्वार के भाव 16 हजार रुपए और गम के भाव 50 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। बाजार पर सटोरियों ने कब्जा जमा लिया। एफएमसी ने कीमतों में उतार-चढ़ाव व सट्टेबाजी को रोकने के लिए ग्वारसीड व ग्वारगम में वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसका ही असर है कि अक्टूबर तक भाव 40 फीसदी गिर गए। ग्वार नौ हजार रुपए और गम का भाव 28 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक आ गया।

एक अनुमान के मुताबिक पिछले साल 7 लाख 28 हजार टन गम व पाउडर का निर्यात किया गया। इसमें 2 करोड़ 50 लाख बोरी ग्वार का उपयोग किया गया। इस लिहाज से स्टॉक नहीं के बराबर रह गया। इस साल एक करोड़ 80 लाख बोरी उत्पादन का अनुमान है।

ऑयल व गैस को निकालने के लिए अत्यंत भारी मशीनों की ड्रिलिंग की जाती है। ड्रिलिंग से मशीनों व छेद का तापमान बढ़ने से आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। गम पाउडर का पेस्ट शीतलक का काम करता है। आग नहीं लगने देता। अमेरिका सहित गैस-तेल उत्पादक देशों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। ग्वारगम का उपयोग फूड इंडस्ट्री, मेडिकल, टेक्सटाइल में भी बहुतायत होता है।

NCDEX पर चढ़े ग्वार गम, सीड के भाव, जानिए क्या है तेजी की वजह

NCDEX

NCDEX पर ग्वार पैक में लागातर तेजी बनी हुई है। ग्वार गम का नवंबर वायदा 10900 के करीब तो सीड का नवंबर वायदा 5500 के ऊपर कारोबार कर रहा है। 3 हफ्तों में ग्वार गम का भाव 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। ग्वार गम दिसंबर वायदा 11400 के करीब पहुंचा है जबकि ग्वार सीड दिसंबर वायदा 5600 पर पहुंचा है। हफ्तों से जारी इस तेजी के क्या कारण हैं? आइए डालते हैं इसपर एक नजर लेकिन इससे पहले जान लेते है कि पहले ग्वार पैक अब और कितना चढ़ा था।

बता दें कि साल 2012 में ग्वार पैक की कीतमों में रिकॉर्ड तेजी आई थी। ग्वार सीड की कीमत 30,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। वहीं ग्वार सीड 1 लाख रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा था ।

क्यों चढ़ा ग्वार पैक?

ग्वार पैक की कीमतों में आई तेजी की वजह पर नजर डालें तो एक्सपोर्ट मांग में लगातार तेजी से इसकी कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। वहीं अरब, यूरोप में भी इसकी मांग में इजाफा लगातार बढ़ रही है। जबकि पाकिस्तान, सुडान से एक्सपोर्ट में गिरावट आई है। मांग में तेजी के कारण भी ग्वार पैक की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। वहीं कम बारिश होने से उत्पादन में गिरावट आई है। बता दें कि अगस्त-सितंबर में बारिश कम हुई थी।

इस बीच सप्लाई में कमी और किसान द्वारा ग्वार का स्टॉक होल्ड किए जाने से भी इसकी कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है। बता दें कि 80 फीसदी ग्वार यूरोप, सऊदी अरब , रूस और अमेरिका से एक्सपोर्ट होता है।

ग्वार गम की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली है जबकि 1 महीने में यह 22 फीसदी भागा है । वहीं 1 साल में इसमें 6 फीसदी का उछाल आया है। वहीं ग्वार सीड की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 9 फीसदी की तेजी देखने को मिली है जबकि 1 महीने में यह 21 फीसदी भागा है । वहीं 1 साल में इसमें 5 फीसदी का गिरावट आई है।

ग्वार गम का मंडियों में भाव

वर्तमान में भीवानी मंडी में ग्वार गम का भाव 9500 रुपये प्रति क्विंटल, दबवाली मंडी में 9200 रुपये प्रति क्विंटल, जोधपुर मंडी में 9300 रुपये प्रति क्विंटल और सिरसा मंडी में 9200रुपये प्रति क्विंटल है।

ग्वार सीड का मंडियों में भाव

आदमपुर मंडी में ग्वार सीड का भाव 4500 रुपये प्रति क्विंटल, अलवर मंडी में 4300 रुपये प्रति क्विंटल, भीवानी मंडी में 4700 रुपये प्रति क्विंटल, चुरू मंडी में 4600 रुपये प्रति क्विंटल और बीकानेर मंडी में 4550 रुपये प्रति क्विंटल है।

NCDEX पर चढ़े ग्वार गम, सीड के भाव, जानिए क्या ग्वार गम वायदा है तेजी की वजह

NCDEX

NCDEX पर ग्वार पैक में लागातर तेजी बनी हुई है। ग्वार गम का नवंबर वायदा 10900 के करीब तो सीड का नवंबर वायदा 5500 के ऊपर कारोबार कर रहा है। 3 हफ्तों में ग्वार गम का भाव 18 फीसदी से ग्वार गम वायदा ज्यादा चढ़ा है। ग्वार गम दिसंबर वायदा 11400 के करीब पहुंचा है जबकि ग्वार सीड दिसंबर वायदा 5600 पर पहुंचा है। ग्वार गम वायदा हफ्तों से जारी इस तेजी के क्या कारण हैं? आइए डालते हैं इसपर एक नजर लेकिन इससे पहले जान लेते है कि पहले ग्वार पैक अब और कितना चढ़ा था।

बता दें कि साल 2012 में ग्वार पैक की कीतमों में रिकॉर्ड तेजी आई थी। ग्वार सीड की कीमत 30,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। वहीं ग्वार सीड 1 लाख रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा था ।

क्यों चढ़ा ग्वार पैक?

ग्वार पैक की कीमतों में आई तेजी की वजह पर नजर डालें तो एक्सपोर्ट मांग में लगातार तेजी से इसकी कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। वहीं अरब, यूरोप में भी इसकी मांग में इजाफा लगातार बढ़ रही है। जबकि पाकिस्तान, सुडान से एक्सपोर्ट में गिरावट आई है। मांग में तेजी के कारण भी ग्वार पैक की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। वहीं कम बारिश होने से उत्पादन में गिरावट आई है। बता दें ग्वार गम वायदा कि अगस्त-सितंबर में बारिश कम हुई थी।

इस बीच सप्लाई में कमी और किसान द्वारा ग्वार का स्टॉक होल्ड किए जाने से भी इसकी कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है। बता दें कि 80 फीसदी ग्वार यूरोप, सऊदी अरब , रूस और अमेरिका से एक्सपोर्ट होता है।

ग्वार गम की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 6 फीसदी की तेजी देखने को ग्वार गम वायदा मिली है जबकि 1 महीने में यह 22 फीसदी भागा है । वहीं 1 साल में इसमें 6 फीसदी का उछाल आया है। वहीं ग्वार सीड की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 9 फीसदी की तेजी देखने को मिली है जबकि 1 महीने में यह 21 फीसदी भागा है । वहीं 1 साल में इसमें 5 फीसदी का गिरावट आई है।

ग्वार गम का मंडियों में भाव

वर्तमान में भीवानी मंडी में ग्वार गम का भाव 9500 रुपये प्रति क्विंटल, दबवाली मंडी में 9200 रुपये प्रति क्विंटल, जोधपुर मंडी में 9300 रुपये प्रति क्विंटल और सिरसा मंडी में 9200रुपये प्रति क्विंटल है।

ग्वार सीड का मंडियों में भाव

आदमपुर मंडी में ग्वार सीड का भाव 4500 रुपये प्रति क्विंटल, अलवर मंडी में 4300 रुपये प्रति क्विंटल, भीवानी मंडी में 4700 रुपये प्रति क्विंटल, चुरू मंडी में 4600 रुपये प्रति क्विंटल और बीकानेर मंडी में 4550 रुपये प्रति क्विंटल है।

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